अहमदाबाद से एक बड़ी ही झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. यहां  दिल की बीमारी में इस्तेमाल होने वाली दवा की भारी मात्रा में नकली टैबलेट पकड़ी गई हैं. जांच एजेंसियों ने Nicardia Retard 10 MG नाम की दवा की करीब 7.20 लाख नकली टैबलेट बरामद की हैं. यह दवा हाई ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी बीमारियों के मरीजों को दी जाती है, इसलिए इसकी नकली सप्लाई सामने आने से मरीजों की सेहत को लेकर गंभीर चिंता खड़ी हो गई है. इतनी बड़ी तादाद में नकली दवा बाजार में पहुंचना यह दिखाता है कि नकली दवाओं का यह रैकेट कितने बड़े स्तर पर काम कर रहा था. 

फिलहाल इस मामले में आगे की जांच चल रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये नकली टैबलेट कहां-कहां तक सप्लाई हो चुकी थीं. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि नकली दवा की पहचान कैसे की जाए, इसके क्या नुकसान हो सकते हैं और अगर किसी को नकली दवा मिले तो उसे कहां शिकायत करनी चाहिए.

नकली दवा की पहचान कैसे करें?

नकली दवा को पहचानना आसान नहीं होता, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. सबसे पहले दवा की पैकिंग को ध्यान से देखना चाहिए. असली दवा की पैकिंग पर छपाई एकदम साफ और सही होती है, जबकि नकली दवा में अक्षर धुंधले, स्पेलिंग गलत या रंग हल्का अलग नजर आ सकता है. साथ ही दवा पर बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट जरूर चेक करनी चाहिए. अगर यह जानकारी मिटी हुई है, गायब है या ठीक से प्रिंट नहीं हुई है, तो यह नकली दवा है सकती है. 

इसके अलावा, कई दवा कंपनियां अब पैकेट पर QR कोड या होलोग्राम भी देती हैं, जिन्हें स्कैन करके दवा असली है या नहीं, यह पता किया जा सकता है. साथ ही अगर दवा हमेशा से जानी-पहचानी दुकान के बजाय किसी अनजान या बहुत सस्ते दाम पर बेचने वाली जगह से मिल रही है, तो वहां से दवा खरीदने से पहले सतर्क रहना चाहिए. दवा खाने के बाद अगर असर सामान्य से अलग महसूस हो या कोई नई दिक्कत हो, तो भी यह नकली दवा का संकेत हो सकता है. 

नकली दवा के नुकसान

नकली दवा के नुकसान बेहद गंभीर हो सकते हैं, खासतौर पर तब जब बात दिल की बीमारी जैसी गंभीर स्थिति की हो. हार्ट पेशेंट्स को दी जाने वाली दवाएं ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और दिल की धड़कन को सामान्य बनाए रखने का काम करती हैं. अगर मरीज को नकली दवा मिल जाए, तो उससे बीमारी कंट्रोल में नहीं आती और स्थिति और बिगड़ सकती है. साथ ही कई बार नकली दवाओं में गलत या हानिकारक केमिकल भी मिला दिए जाते हैं, जो शरीर के दूसरे अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं. हार्ट पेशेंट्स के लिए यह खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि सही समय पर सही दवा न मिलने से हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थिति भी बन सकती है.

नकली दवा मिल जाए तो कहां शिकायत करें

अगर किसी को शक हो कि उसे नकली दवा मिली है, तो सबसे पहले उस दवा को इस्तेमाल करना तुरंत बंद कर देना चाहिए और डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. इसके बाद इसकी शिकायत राज्य के फूड एंड ड्रग कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDCA में की जा सकती है. हर राज्य में यह विभाग मौजूद होता है और नकली, मिलावटी या अवैध दवाओं से जुड़ी शिकायतें यहीं दर्ज कराई जाती हैं. इसके अलावा, Central Drugs Standard Control Organisation यानी CDSCO के पास भी शिकायत की जा सकती है, जिसकी आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा दी गई है. 

जिस दुकान या मेडिकल स्टोर से दवा खरीदी गई है, उसका बिल संभालकर रखना भी जरूरी है, क्योंकि शिकायत के समय यह सबूत के तौर पर काम आता है. साथ ही, नजदीकी पुलिस थाने में भी इसकी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, क्योंकि नकली दवा बेचना और बनाना कानूनी तौर पर गंभीर अपराध माना जाता है. 

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