बेंगलुरु में सोमवार को सियासी माहौल अचानक गरमा गया। जब कर्नाटक विधानसभा के बाहर BJP नेताओं और पुलिस के बीच तनाव देखने को मिला। BJP नेताओं ने विधानसभा परिसर में घुसने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा रखे थे। इसी दौरान धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
BJP नेता, मंत्री बी नागेंद्र के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। मामला कर्नाटक दलित वाल्मीकि कॉर्पोरेशन से जुड़े कथित 187 करोड़ रुपये के घोटाले का है। BJP ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
फ्रीडम पार्क से विधानसभा तक BJP का प्रदर्शन
प्रदर्शन की शुरुआत बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क से हुई। यहां BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में जुटकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर बढ़े। BJP के वरिष्ठ नेता भी इस मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री बी नागेंद्र के इस्तीफे की मांग की। विधानसभा के पास पहुंचने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। पुलिस ने बैरिकेड्स लगाए थे। BJP नेताओं ने बैरिकेड्स के आगे बढ़ने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस और नेताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। ऐसे में माहौल कुछ देर के लिए काफी तनावपूर्ण हो गया।

आर अशोक ने कांग्रेस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
इस प्रदर्शन का आह्वान कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने किया था। उन्होंने एक दिन पहले ही BJP और JD(S) के साथ मिलकर विधानसभा के घेराव की बात कही थी। आर अशोक ने वाल्मीकि कॉर्पोरेशन से जुड़े कथित घोटाले को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उनका आरोप है कि कॉर्पोरेशन के 187 करोड़ रुपये सरकारी खजाने से निकाले गए।
अशोक ने दावा किया कि इस रकम का इस्तेमाल कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस के चुनाव अभियान के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़े दस्तावेज भी सामने रखे गए हैं। हालांकि, ये BJP की ओर से लगाए गए आरोप हैं। मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं।
नागेंद्र के इस्तीफे पर BJP का दबाव
BJP का कहना है कि 187 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। पार्टी ने मंत्री बी नागेंद्र के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। आर अशोक ने यह भी कहा कि नागेंद्र को उनकी जाति की वजह से निशाना नहीं बनाया जा रहा है। बल्कि मुद्दा दलितों के लिए बनाए गए कॉर्पोरेशन के पैसों से जुड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है, तो कांग्रेस को BJP के प्रदर्शन का विरोध करने की जरूरत क्यों पड़ रही है। फिलहाल वाल्मीकि कॉर्पोरेशन के कथित 187 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर कर्नाटक की राजनीति गरम है। BJP सरकार पर दबाव बना रही है। वहीं कांग्रेस की ओर से भी आरोपों को लेकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है। अब सबकी नजर इस मामले में आगे होने वाली राजनीतिक और कानूनी कार्रवाई पर है।



















