हरिद्वार: उत्तराखंड में हरिद्वार के कोतवाली मंगलौर पुलिस ने 13 वर्षीय लड़की की हत्या के मामले का रविवार को खुलासा करते हुए उसके पिता समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक पिता को बेटी के किसी से बातचीत करने का शक था। इसी बात को लेकर उसने अपने साथी के साथ मिलकर बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव गंगनहर में फेंक दिया। पुलिस गंगनहर में लड़की के शव की तलाश में जुटी हुई है।
मामले में शुक्रवार को किशोरी की मां ने धनेश्वर उर्फ तोता और आशीष उर्फ धोल्ला के खिलाफ बेटी को घर से ले जाने और वापस नहीं लाने तथा पूछताछ करने पर गाली-गलौज एवं जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कराया था। मामला संदिग्ध होने पर पुलिस ने गहनता से जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि धनेश्वर को अपनी बेटी के किसी व्यक्ति से बातचीत करने का शक था। पुलिस के अनुसार, 27 जुलाई को धनेश्वर अपने दोस्त आशीष के साथ बेटी को मोटरसाइकिल पर बैठाकर माता मंदिर के पास पुल पर ले गया। वहां दोनों ने कमीज से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को गंगनहर में फेंक दिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धनेश्वर उर्फ तोता पुत्र मांगेराम तथा आशीष उर्फ धोल्ला पुत्र सुनील, निवासी ग्राम ब्रह्मपुर जट्ट, कोतवाली मंगलौर के रूप में हुई है। पुलिस ने धनेश्वर के कब्जे से 315 बोर का तमंचा बरामद किया है। इसके अलावा वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी पुलिस ने कब्जे में ली है। पुलिस के अनुसार, आरोपी धनेश्वर का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ मंगलौर और रुड़की कोतवाली में चोरी, आयुध अधिनियम, आबकारी अधिनियम तथा अन्य धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। लड़की के शव की तलाश के लिए पुलिस द्वारा गंगनहर में लगातार अभियान चलाया जा रहा है।



















