तेलीगुंडरा (पाटन)। छत्तीसगढ़ अंचल का एक ऐसा आदर्श गाँव तेलीगुंडरा जो कि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस की खुशहाली को ही अपने गांव की मंडई महोत्सव में बदल डाला है। यहां विगत 66 वर्षों से स्कूली बच्चों के प्रभात फेरी के साथ ही समस्त ग्रामवासी स्कूली बच्चों के कार्यक्रम में शामिल होकर हमारे देश को अंग्रेजों के गुलाम से आजाद कराने वाले वीर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं, फिर स्कूली बच्चों के रंगारंग कार्यक्रम में शामिल होकर भरपूर आनंद लेते आ रहे हैं। साथ ही रामायण महोत्सव के साथ ही लोक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन करते रहे हैं यह गांव दानवीर स्वर्गीय रामचंद्र जी साहू का गृह ग्राम है जिन्होंने पूरे अंचल में शिक्षा का दीप जलाने के लिए अपने 65 एकड़ कीमती कृषि भूमि का दान कर पाटन में हायर सेकेंडरी स्कूल का निर्माण कराया है जहां अंचल के अनेक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर अपने जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में उच्च मुकाम हासिल कर अपना बेहतर ढंग से जीवन यापन कर रहे है, जिनके कारण से उन्हें छत्तीसगढ़ शासन ने दानवीर भामाशाह सम्मान से भी सम्मानित किया है, दाऊ जी गांधीवादी विचारधारा के व्यक्ति थे जिन्होंने जीवन पर्यंत खादी वस्त्रों के साथ ही, अपने जीवन में भी आधुनिक मशीनरी सुख सुविधाओं वाले सामानों से भी दूर ही रहा है उनके खानपान बहुत ही शुद्ध सात्विक शाकाहारी पूर्वक रहा है, उन्होंने ही अपने गांव में रामकोठी जैसे एक आदर्श संस्था का भी निर्माण कराया था जो कि गांव वालों को विशेष परिस्थिति में आर्थिक रूप से धन सहयोग बहुत ही कम ब्याज दर में उपलब्ध करा कर समस्त ग्राम वासियों का मदद भी करते थे साथ ही दाऊजी जीवन पर्यंत अपने गांव के सरकारी स्कूलो के साथ ही स्वास्थ्य केंद्र का भी देखरेख किया करते थे इस कारण से भी इस गांव का छत्तीसगढ़ अंचल में भी विशेष महत्त्व रखता है, ग्राम वासियों मे भी दाऊ जी के द्वारा किये गये कार्यो के प्रति गहरा श्रद्धा और विश्वास रहा है, इन्ही स्मृतियो को लंबे समय तक संजोय रखने के लिये गांव के प्रमुख चौक मे उनकी मूर्ति भी स्थापित करवाये है। कुछ बड़े बुजुर्ग बताते हैं कि इस बेहद ही खूबसूरत अंदाज में 26 जनवरी का जो पर्व मनाया जाता है उसको पूर्व सांसद स्व. चंदूलाल चंद्राकर जी ने उस समय के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी जी को भी अवगत कराया था। इस गांव में आज भी पार्टी फेवर (भाजपा-कांग्रेस) का कोई विशेष महत्व नहीं रखता है सभी लोग मिल जूलकर बड़े आयोजन करते रहे हैं, जिस कारण से यह गाँव अंचल मे अपना विशेष महत्व रखता है। कल 26 जनवरी को दिन भर विविध सांकृतिक कार्यक्रम होने के साथ ही रात्रि में भूपेश-प्रकाश नाच पार्टी साल्हे टोला (चारामा) वालों का कार्यक्रम रखा गया है। आयोजन समिति के अध्यक्ष डोमेन्द साहू व सरपंच मनीष पटेल ने लोगों को कोरोना सुरक्षा का पालन करते हुये मंडाई उत्सव का आनंद लेने गुज़ारिश किये हैं।
एक गांव ऐसा जहां गणतंत्र दिवस की खुशहाली को अपने गांव की मंडाई उत्सव में बदल डाला, विगत 66 वर्षों से विविध आयोजन…
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