देवास। शादी के नाम पर भरोसा जीतकर ठगी करने वाले एक गिरोह का देवास पुलिस ने खुलासा किया है। बैंक नोट प्रेस (BNP) थाना पुलिस ने एक युवक और उसके परिवार को कथित तौर पर शादी के जाल में फंसाकर 1 लाख 81 हजार रुपये ऐंठने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि गिरोह ने पीड़ित परिवार का भरोसा जीतने के लिए बाकायदा नकली रिश्तेदार तक तैयार कर रखे थे।

रिश्ते नकली, शादी असली… और फिर गायब हुई दुल्हन

पुलिस के मुताबिक, इस मामले की कथित मास्टरमाइंड नंदिनी मेहरा उर्फ रोशनी है, जो धार जिले की रहने वाली बताई गई है। उसके साथ शकुनबाई, रवि जरिया और सोनिया केवट ने मिलकर युवक के परिवार से संपर्क किया। परिवार को विश्वास में लेने के लिए आरोपियों ने रिश्तों का पूरा सेट तैयार कर लिया। शकुनबाई ने नंदिनी की मां, रवि जरिया ने जीजा और सोनिया केवट ने बहन होने का नाटक किया। इसके बाद शादी की बातचीत आगे बढ़ी और युवक के परिवार को कथित तौर पर विश्वास में लेकर अलग-अलग रस्मों और खर्चों के नाम पर रकम ली गई।

तिलक से शादी तक 1.81 लाख रुपये की वसूली

शादी तय होने के बाद तिलक समारोह में परिवार से 21 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद अलग-अलग मौकों पर 1 लाख रुपये, 10 हजार रुपये और 50 हजार रुपये की रकम ली गई। इस तरह शादी से पहले और शादी की प्रक्रिया के दौरान परिवार से कुल 1 लाख 81 हजार रुपये लिए जाने की बात सामने आई है।

3 जुलाई को मंदिर में लिए सात फेरे

रकम लेने के बाद आखिरकार 3 जुलाई को धामनोद के एक मंदिर में युवक और नंदिनी की शादी हुई। शादी के बाद नंदिनी अपने पति के साथ देवास स्थित ससुराल पहुंची। कुछ समय तक सब कुछ सामान्य चलता रहा। वह करीब दो दिन तक ससुराल में रही, लेकिन इसके बाद ऐसा कदम उठाया कि परिवार के होश उड़ गए।

पति सोता रहा और रात में घर से निकल गई दुल्हन

7 अगस्त की रात पति के गहरी नींद में सोने का फायदा उठाकर नंदिनी कथित तौर पर चुपचाप घर से निकल गई। सुबह जब परिवार को इसका पता चला तो हड़कंप मच गया। ससुराल वालों ने आसपास और संभावित ठिकानों पर उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। आखिरकार परिवार ने बैंक नोट प्रेस थाने पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी।

जांच में खुला नकली रिश्तेदारों का राज

शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो एक-एक कर कथित धोखाधड़ी की पूरी कहानी सामने आने लगी। जांच में पुलिस को पता चला कि शादी के दौरान परिवार के सामने जिन लोगों को नंदिनी के रिश्तेदार बताया गया था, वे वास्तव में उसके असली रिश्तेदार नहीं बल्कि गिरोह के सदस्य थे। पुलिस ने शकुनबाई, रवि जरिया और सोनिया केवट की भूमिका की भी जांच की और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

जेल भेजे गए आरोपी, अब पुराने मामलों की तलाश

पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इसी गिरोह ने इससे पहले भी शादी के नाम पर अन्य लोगों को अपना निशाना बनाया था। साथ ही पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों और उनके पुराने मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।

शादी के नाम पर ठगी से रहें सावधान

देवास का यह मामला एक बार फिर बताता है कि शादी जैसे संवेदनशील रिश्ते में जल्दबाजी और बिना सत्यापन के भरोसा करना भारी पड़ सकता है। रिश्ते की बातचीत से लेकर शादी और पैसों के लेन-देन तक परिवार और संबंधित लोगों की पहचान व पृष्ठभूमि की पूरी जांच करना जरूरी है।

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