पुणे के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाए जाने के मामले में MNS प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. वहीं राज ठाकरे के घर के बाहर बीजेपी कार्यकर्ता आंदोलन करने की तैयारी में है.
बीजेपी कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए राज ठाकरे के कार्यकर्ता उनके घर के बाहर जमा हैं. बीजेपी और मनसे के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने की संभावना जताई जा रही है. पुलिस ने बीजेपी और मनसे के कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की है. पुलिस फोर्स तैनात की गयी है.
वहीं कॉलेज के प्रिंसिपल राजेंद्र पाटिल ने घटना को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि अमित ठाकरे के साथ आए कार्यकर्ताओं ने उनके केबिन में लगी प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर को नीचे उतार दिया. इस घटना को लेकर प्रिंसिपल ने शिकायत भी दर्ज कराई है.
प्रिंसिपल के केबिन से हटवाई थी फोटो
प्रिंसिपल राजेंद्र पाटिल ने कहा कि अमित ठाकरे कॉलेज में आए थे और उनके साथ करीब 20-25 लोग मौजूद थे. इस दौरान उन्होंने प्रिंसिपल के केबिन में छत्रपति शिवाजी महाराज और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें लगी देखीं. तस्वीर देखने के बाद अमित ठाकरे ने कहा कि वहां प्रधानमंत्री की तस्वीर नहीं लगाई जा सकती. इसके बाद उन्होंने अपने साथ मौजूद एक कार्यकर्ता को तस्वीर हटाने के लिए कहा और कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर नीचे उतार दी.
कई मुद्दों पर उठाए सवाल
प्रिंसिपल ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 12:30 से 1 बजे के बीच हुई. इसके बाद अमित ठाकरे ने कॉलेज और हॉस्टल की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए.
FIR पर क्या बोले अमित ठाकरे?
मामले में FIR दर्ज होने के बाद अमित ठाकरे ने कहा कि उनके खिलाफ पहला मामला छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर किए गए आंदोलन कारण दर्ज हुआ है और वह ऐसे कितने भी मामलों का सामना करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, ‘छत्रपति शिवाजी महाराज की बराबरी कोई नहीं कर सकता. अगर कोई छत्रपति शिवाजी महाराज या डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के बारे में आपत्तिजनक बयान देता है तो उसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए हम हर तरह की कार्रवाई अपने ऊपर लेने को तैयार हैं.



















