इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (इंडियन ऑयल) ने वेंचर सेंटर और वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद–राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला (CSIR–NCL) के सहयोग से सीएसआईआर-एनसीएल के मुख्य सभागार में भारत के प्रमुख ऊर्जा नवाचार एक्सीलेरेटर “MC²+ IGNITE” के पुणे आउटरीच कार्यक्रम की सह-मेजबानी की।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मार्गदर्शन में और MC² फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित “एडवांसिंग एनर्जी इनोवेशन” शीर्षक वाले इस कार्यक्रम में देश की प्रमुख ऊर्जा कंपनियों, अनुसंधान संस्थानों, डीप-टेक संस्थापकों और वैज्ञानिक समुदाय ने भाग लिया।

मुख्य भाषण देते हुए पद्म विभूषण डॉ. आर. ए. माशेलकर (एफआरएस) ने इस पहल को समय के अनुकूल और अत्यंत पथ-प्रदर्शकीय बताया। सहयोगात्मक मॉडल पर प्रकाश डालते हुए डॉ. माशेलकर ने कहा कि भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख ऊर्जा कंपनियां स्थानीय नवप्रवर्तकों की मदद के लिए अपनी प्रयोगशालाओं, परिसंपत्तियों, मार्गदर्शन, पूंजी और बाजार पहुंच को एक मंच पर ला रही हैं। उन्होंने स्टार्ट-अप संस्थापकों से पूर्ण समाधान तैयार करने का आह्वान किया, जो भारत को “मेक इन इंडिया” से “इनोवेट इन इंडिया” और अंततः “ओन इन इंडिया” की ओर ले जाए।

सभा को संबोधित करते हुए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष श्री ए. एस. साहनी ने कहा कि आने वाले वर्षों में वैश्विक ऊर्जा मांग तेजी से बढ़ने की उम्मीद है और भारत की विकास दर वैश्विक औसत से भी अधिक रह सकती है। यह रेखांकित करते हुए कि ऊर्जा क्षेत्र के स्टार्ट-अप्स को अब तक शुरुआती पूंजी का बहुत कम हिस्सा मिला है, श्री साहनी ने पुष्टि की कि MC²+ IGNITE के माध्यम से इंडियन ऑयल उद्यमियों के लिए अपने बुनियादी ढांचे के दरवाजे खोल रहा है। इस पहल का उद्देश्य परीक्षण, सुरक्षित विफलता और प्रयोगशाला पैमाने से आगे के समाधानों को मान्य करने के लिए एक नियंत्रित वातावरण प्रदान करना है, ताकि आशाजनक प्रौद्योगिकियां विकास के “वैली ऑफ डेथ” में न अटकें। सीएसआईआर-एनसीएल के साथ इंडियन ऑयल का सहयोग विशेष रूप से हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों और टिकाऊ गतिशीलता (मोबिलिटी) समाधानों पर केंद्रित होगा।

MC² फाउंडेशन के प्राथमिक एक्सीलेरेटर कार्यक्रम के रूप में, MC²+ IGNITE सात महत्वपूर्ण ऊर्जा-संक्रमण थीमों में 30 तक डीप-टेक स्टार्ट-अप्स का चयन करेगा। इनमें हाइड्रोजन और मोबिलिटी, एआई-संचालित सबसरफेस इंटेलिजेंस, अगली पीढ़ी की ड्रिलिंग, बायोनर्जी और संपीड़ित बायो-गैस, रिफाइनरी प्रक्रिया गहनता, डिजिटल संपत्ति प्रबंधन और एक ओपन इनोवेशन थीम शामिल हैं। प्रत्येक चयनित उद्यम ₹50 लाख तक के परिवर्तनीय वित्तपोषण (कन्वर्टिबल फंडिंग) का पात्र होगा, जबकि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले उद्यमों को डेमो डे पर अतिरिक्त ₹1.5 करोड़ मिलेंगे। इस कार्यक्रम के तहत किसी वैल्यूएशन राउंड की आवश्यकता नहीं है और संस्थापकों का अपने बौद्धिक संपदा (आईपी) पर पूर्ण स्वामित्व बना रहेगा। यह कार्यक्रम भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है, जिसमें आईआईटी कानपुर, वेंचर सेंटर, सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलिक्यूलर प्लेटफॉर्म्स (सी-कैंप) और आईआईएमए वेंचर्स इसके कार्यान्वयन केंद्र हैं।

वेंचर सेंटर के निदेशक डॉ. प्रेमनाथ वेणुगोपालन ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया और स्वच्छ ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन पर हाल ही में शुरू किए गए उत्कृष्टता केंद्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस कार्यक्रम को केवल स्टार्ट-अप्स का प्रदर्शन करने के बजाय नए संस्थागत अनुसंधान-उद्योग सहयोग की शुरुआत करने के अवसर के रूप में रेखांकित किया। कार्यक्रम में सीएसआईआर-एनसीएल के निदेशक डॉ. आशिष लेले और MC² फाउंडेशन के सलाहकार डॉ. मधुकर गर्ग के तकनीकी सत्र भी शामिल थे। इंडियन ऑयल के कार्यकारी निदेशक प्रभारी (अनुसंधान एवं विकास) डॉ. उमिश श्रीवास्तव द्वारा तेल और गैस कंपनियों की क्षमताओं और चुनौतियों का विवरण दिया गया, जबकि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के श्री राधे श्याम ने हरित हाइड्रोजन पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रकाश डाला।

यह आउटरीच कार्यक्रम MC² फाउंडेशन और वेंचर सेंटर के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) के औपचारिक आदान-प्रदान के साथ समाप्त हुआ, जिसके तहत वेंचर सेंटर को MC² नेटवर्क के लिए एक ऑन-ग्राउंड कार्यान्वयन नोड के रूप में आधिकारिक रूप से मान्यता दी गई।

Advertisement Carousel
Share.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031