आज के दौर में जहां पैसों के लिए रिश्ते तक बिगड़ जाते हैं, वहीं हैदराबाद की एक लेडी कंडक्टर ने ईमानदारी की ऐसी मिसाल कायम की है, जो हर किसी का दिल छू लेगी. बस में लावारिस पड़े लाखों रुपये देखकर भी उनकी नीयत नहीं डगमगाई. उन्होंने पाई-पाई का हिसाब लगाकर असली मालिक को उसके पैसे सौंप दिए.
हज के लिए जोड़े पैसों का बैग बस में छूटा
शादनगर के रहने वाले जहांगीर अपनी पत्नी के साथ हैदराबाद जा रहे थे. उन्होंने पवित्र हज यात्रा की तैयारियों के लिए 3 लाख रुपये नकद साथ रखे हुए थे. अफजलगंज में बस से उतरकर जब वो नामपल्ली की ओर बढ़े, तब अचानक उन्हें होश आया कि नोटों की गड्डियों से भरा उनका बैग तो बस की सीट पर ही छूट गया है.
गड्डियां देखकर भी नहीं डगमगाई नीयत
उधर बस में लेडी कंडक्टर सरिता की नजर लावारिस बैग पर पड़ी. बैग खोलते ही उसमें 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां रखी हुई थीं. सरिता ने बिना एक पल गंवाए तुरंत ड्राइवर नरसिम्हुलु को पूरी बात बताई और बैग को संभालकर रख लिया. जब जहांगीर घबराते हुए वापस बस स्टैंड पहुंचे, तो दोनों कर्मचारियों ने सीधे बैग देने के बजाए पहले उनसे रकम और सामान से जुड़े कड़े सवाल पूछे, ताकि असली मालिक का पता चल सके.
परिवहन मंत्री ने की तारीफ
जहांगीर ने जैसे ही बताया कि बैग में पूरे 3 लाख रुपये हैं, सरिता ने उनके सामने ही कैश गिना और संतुष्ट होने के बाद बैग उनके हवाले कर दिया. अपनी जिंदगी भर की कमाई सुरक्षित वापस पाकर जहांगीर की आंखों में खुशी के आंसू आ गए. इस घटना की जानकारी मिलते ही तेलंगाना के परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने सरिता और नरसिम्हुलु की वफादारी की जमकर सराहना की.



















