सहारनपुर में मस्जिद के मलबे के नीचे मिले कुएं की एएसआई टीम ने जांच की। टीम कुएं में उतरी। करीब 15 मिनट तक कुएं के अंदर स्थित संरचना, ईंट आदि की जांच-पड़ताल करने के बाद वह बाहर आए। एएसआई ने बताया कि कुआं 250 साल पुराना हो सकता है। प्रथम दृष्टया कुएं की संरचना उत्तर मध्यकालीन लग रही है। आगे की जांच प्रशासन के ऊपर निर्भर है। यदि खोदाई आदि का निर्णय लिया जाता है तो जांच की जाएगी।
सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद उसके नीचे मिले कुएं की जांच के लिए सोमवार को एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) की टीम लखनऊ से सहारनपुर पहुंची। एएसआई के सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार यादव ने बताया कि कुआं करीब 250 साल पुराना हो सकता है। अभी जांच जारी है। उधर, सपा और कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया। 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल कुछ सदस्यों ने सर्किट हाउस पहुंचकर प्रेसवार्ता की और एडीएम प्रशासन संतोष बहादुर को ज्ञापन सौंपा।
दो दिन पहले सपा के 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के मंडलायुक्त से मिलने की घोषणा के बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा। ज्यादातर सपाइयों को पुलिस ने उनके गृह जनपद में ही हाउस अरेस्ट कर लिया।
मुजफ्फरनगर से सांसद हरेंद्र मलिक और जिलाध्यक्ष जिया चौधरी कार्यकर्ताओं के साथ दोपहर के समय मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे। मंडलायुक्त के नहीं मिलने पर अपर आयुक्त को ज्ञापन दिया गया। इस दौरान सर्किट हाउस में विधान परिषद अन्य नेता पहले से पहुंचे हुए थे।
वहां पर भी पुलिस की में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव, सांसद इकरा हसन समेत घेराबंदी रही। पूर्व मंत्री शायान मसूद को सर्किट हाउस पहुंचते ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान प्रेसवार्ता करते हुए सपाइयों ने इसे सरकार और प्रशासन की तानाशाही बताया।
उन्होंने मस्जिद स्थल पर सफाई, खोदाई या किसी भी तरह के परिवर्तन पर रोक लगाने, भूखंड पर तीसरे पक्ष के अधिकार अथवा निर्माण को रोकने की मांग की। वहीं, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अजय राय को सहारनपुर पहुंचने से पहले ही लखनऊ में हाउस अरेस्ट कर लिया गया।
मलबा हटाने के दौरान 1909 की ईंट मिलने का दावा
कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के मलबे को हटाने के दौरान एक ईंट मिलने का दावा किया जा रहा है। दावा है कि ईंट पर 1909 अंकित है। हालांकि यह साफ नहीं है कि यह ईंट के निर्माण की तिथि है या कुछ और। इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सोशल मीडिया पर चल रही हैं।
1909 की ईंट मिलने से खुलेंगे कई राज
कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के मलबे को हटाए जाने के दौरान ईंट मिलने का दावा किया जा रहा है। इससे और भी राज खुल सकते हैं। दावा किया जा रहा है कि यह ईंट वर्ष 1909 की निर्मित है। शनिवार सुबह 7:30 बजे क्लक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को हटाने की कार्रवाई प्रशासन द्वारा शुरू की गई थी। उसके बाद देर शाम तक मलबे को हटाए जाने का कार्य जारी रहा। इस दौरान ईंट पर 1909 अंकित है। दावा किया जा रहा है की मस्जिद में लगी यह ईंट वर्ष 1909 की है।



















