Hartalika Teej 2026 4 Auspicious Coincidence: इस साल हरतालिका तीज के अवसर पर गणेश चतुर्थी का अद्भुत संयोग बना है. सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए निर्जला व्रत रखेंगी, वहीं दूसरी ओर गणपति बप्पा के भक्त गणेश जी की मूर्ति स्थापना के साथ विघ्नहर्ता का जन्मोत्सव मनाएंगे. हरतालिका तीज के दिन रवि योग के साथ 3 शुभ योगों का भी निर्माण होगा. इससे यह दिन और भी शुभ फलदायी है. आइए जानते हैं हरतालिका तीज पर बनने वाले शुभ संयोग और पूजा मुहूर्त के बारे में.
हरतालिका तीज पर 4 अद्भुत संयोग
- इस साल हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक साथ 14 सितंबर दिन सोमवार को पड़ रहे हैं.
- हरतालिका तीज की भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि 14 सितंबर को सुबह 07 बजकर 06 मिनट तक है. उसके बाद से गणेश चतुर्थी की भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि प्रारंभ हो जाएगी, जो 15 सितंबर को सुबह 7 बजकर 44 मिनट तक रहेगी.
- 14 सितंबर को हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी के साथ सोमवार व्रत भी है, जो भगवान शिव की कृपा प्राप्ति का सुंदर अवसर है.
- इस दिन दक्षिण भारत का प्रमुख स्वर्ण गौरी व्रत भी है, जिसे गौरी हब्बा कहते हैं. यह व्रत कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में रखा जाता है, जिसमें देवी पार्वती की पूजा करते हैं.
हरतालिका तीज पर बनेंगे 3 शुभ योग
हरतालिका तीज के दिन ब्रह्म योग, रवि योग और इंद्र योग बन रहे हैं. उस दिन ब्रह्म योग प्रात:काल से लेकर दोपहर 12:47 पी एम तक है, उसके बाद से इंद्र योग बनेगा. तीज और चतुर्थी पर रवि योग दोपहर में 01:55 पी एम से बनेगा और 15 सितंबर को सुबह 06:06 ए एम तक रहेगा.
हरतालिका तीज की पूजा प्रदोष काल में यानि सूर्यास्त के बाद होगी. वहीं गणेश चतुर्थी की मूर्ति स्थापना और पूजा उससे पहले ही दिन में हो जाएगी.
गणेश चतुर्थी पूजा का समय
- गणेश चतुर्थी पूजा मुहूर्त 11:02 एम से लेकर दोपहर 1:31 पीएम तक है. इस समय में आप विधिपूर्वक गणेश जी की पूजा कर लें.
- हरतालिका तीज पूजा का समय: इस दिन सुबह में माता गौरी, भगवान शिव और गणेश जी की पूजा 06:05 बजे से 07:38 बजे के बीच कर लें. जिनके यहां पर शाम की पूजा होती है, वे प्रदोष काल में यानि सूर्यास्त बाद 06:28 पी एम से करें.



















