Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में हुए चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस के हाथ एक ऐसा बड़ा सबूत लगा है, जिसने पूरी कहानी का रुख मोड़ दिया है। ससुर की लाश पर फूट-फूटकर रोने वाली बहू शालू की असलियत अब डिजिटल फॉरेंसिक जांच में बेनकाब हो रही है। पुलिस पड़ताल में खुलासा हुआ है कि वारदात से पहले बहू और आरोपी नौकर के बीच 309 बार बातचीत हुई थी और हत्या के तुरंत बाद 49 मैसेज डिलीट कर दिए गए थे।
मिली जानकारी के मुताबिक, कल्याणपुर के पॉश इलाके इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर C-104 में शनिवार देर रात 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। बदमाशों ने उन पर 26 से ज्यादा वार किए। रविवार सुबह 4 बजे जब बेटा और बहू शालू किसी पार्टी से लौटकर घर पहुंचे, तो खून से लथपथ लाश देखकर चीख-पुकार मच गई। बहू शालू मौके पर फूट-फूटकर रोती नजर आई, जिससे पहली नजर में किसी को उस पर रत्ती भर भी शक नहीं हुआ।
पुलिस ने जब अपार्टमेंट के CCTV फुटेज खंगाले तो गैलरी में कारोबारी का पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम अपने साथी राजकिशोर के साथ फ्लैट में आता-जाता दिखाई दिया। पुलिस ने रविवार देर रात घेराबंदी की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और वे धर दबोचे गए। कड़ाई से हुई पूछताछ में आरोपी विशाल ने कबूला कि यह कोई चोरी या डकैती नहीं, बल्कि सुपारी किलिंग थी और इसके पीछे कोई और नहीं, बल्कि खुद घर की बहू शालू का हाथ है।
पुलिस ने जब शालू और विशाल के मोबाइल डेटा खंगाले, तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। 1 मई से लेकर हत्या वाले दिन तक दोनों के बीच 309 बार फोन और व्हाट्सएप कॉल पर बात हुई थी। सबसे बड़ा सुराग वो 49 डिलीटेड व्हाट्सएप मैसेज हैं, जिन्हें वारदात के तुरंत बाद मोबाइल से मिटा दिया गया था।
पुलिस कमिश्नर की निगरानी में फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स इन 49 डिलीट मैसेज को रिकवर करने में जुटे हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि इन मैसेजों के रिकवर होते ही यह साफ हो जाएगा कि हत्या की डील कब पक्की हुई, किसे क्या निर्देश दिए गए और कत्ल के बदले क्या रकम तय हुई थी। फिलहाल पुलिस हर पहलू पर साक्ष्य जुटाकर आरोपी बहू की कानूनी घेराबंदी मजबूत कर रही है।



















