अमरीका-ईरान और रूस-यूक्रेन युद्धों के बीच ब्रिक्स देशों का 18वां शिखर सम्मेलन इसलिए महत्वपूर्ण नहीं है कि वह युद्धों को शांति, स्थिरता में तबदील कर सकता है। ब्रिक्स सम्मेलन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। भारत इस बार अध्यक्ष एवं मेजबान है। युद्धों ने खाद्य-ऊर्जा संकट पैदा किए हैं, दुनिया भर की सप्लाई चेन बाधित है, विश्व की अर्थव्यवस्थाओं का कबाड़ा हो चुका है, आपसी भू-रणनीतिक समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और युद्धकालीन कानून बेमानी साबित हो रहे हैं और अमरीकी राष्ट्रपति टं्रप अब भी अनाप-शनाप टैरिफ थोपने और पाबंदियां घोषित करने पर आमादा हैं। ब्रिक्स का मंच इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत, रूस, चीन, ब्राजील इसके संस्थापक सदस्य हैं। बाद में दक्षिण अफ्रीका जुड़ा और अब 11 देश पूर्णकालिक सदस्य हैं और 10 पार्टनर देश हैं। वे विश्व की 28 फीसदी नॉमिनल जीडीपी और 50 फीसदी से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। चीन और भारत सरीखी आर्थिक महाशक्तियां ब्रिक्स की सूत्रधार हैं और रूस की कूटनीतिक, सामरिक, प्रौद्योगिकी संबंधी ताकत दुनिया जानती है। जब प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति पुतिन, राष्ट्रपति शी जिनपिंग आपस में मिलेंगे, तो इससे बड़ी कूटनीतिक खबर क्या हो सकती है? ब्रिक्स देश आपसी सहयोग, व्यापार, स्वास्थ्य-शिक्षा, सैन्य-साइबर सहयोग, ऊर्जा, अंतरिक्ष संबंधी समझौते पारित कर सकते हैं, लेकिन सर्वाधिक महत्वपूर्ण यह है कि पहली बार डिजिटल सेवाओं को साझा करने और उनके कारोबार पर ब्रिक्स देशों के वाणिज्य-व्यापार मंत्रियों में सहमति हुई है। अंतिम मुहर शिखर सम्मेलन में लगाई जाएगी। डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भारत का स्थान अमरीका, ब्रिटेन, आयरलैंड, जर्मनी के बाद 5वां है। चीन छठे स्थान पर है। ब्रिक्स देशों में डिजिटल सेवा निर्यात में भारत की हिस्सेदारी करीब 48 फीसदी है, जो बेहद महत्वपूर्ण है। इंटरनेट, ऐप, ई-मेल, वीडियो कॉल और डिजिटल मंच के जरिए सेवाएं सभी ब्रिक्स देशों में साझा की जा सकेंगी। 2024 में भारत ने करीब 24 लाख करोड़ रुपए (269 अरब डॉलर) की सेवाएं विश्व को दी हैं। अब ब्रिक्स समझौते के बाद आईटी, कारोबारी सेवाओं के अलावा वित्तीय, बीमा, रिसर्च, परामर्श, इंजीनियरिंग और शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाएं भी डिजिटल तरीके से दी जा सकेंगी। नीति आयोग के मुताबिक, 2015-24 के बीच भारत का विदेशों में डिजिटल सेवा कारोबार करीब 3-गुना हो गया है। इनमें सॉफ्टवेयर निर्यात, आईटी और बीपीओ सेवाएं सम्मिलित हैं। लेकिन मौजूदा हालात में युद्ध सबसे संवेदनशील, विनाशक और अनिवार्य मुद्दा है, क्योंकि ईरान भी ब्रिक्स का सदस्य देश है। वहां के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान भी आ रहे हैं।

जाहिर है कि उनकी कई स्तरों पर बातचीत होगी! रूस के राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति ट्रंप ने फोन पर करीब एक घंटा बातचीत की है। शुक्रवार, 11 सितंबर, को भारत के प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन में एक बार फिर द्विपक्षीय संवाद होगा। तय है कि युद्ध की बात जरूर होगी, क्योंकि भारत शांति का पक्षधर है। ईरान और यूक्रेन में व्यापक विनाश, विध्वंस हुए हैं और युद्ध अब भी जारी है। राष्ट्रपति टं्रप को आश्वस्त किया गया है कि ब्रिक्स अमरीका और डॉलर-विरोधी मंच नहीं है। वैकल्पिक मुद्रा तय करने का कोई एजेंडा भी नहीं है। यह क्रेमलिन के प्रवक्ता भी स्पष्ट कर चुके हैं। बेशक रूस और ब्राजील आग्रह करते रहे हैं कि ब्रिक्स देश की अपनी ही मुद्रा (करेंसी) होनी चाहिए, लेकिन वैकल्पिक मुद्रा तय करना और उसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाना आसान नहीं है। वैश्विक व्यवस्था का सवाल है। हालांकि ब्रिक्स के देश द्विपक्षीय आधार पर अपनी-अपनी मुद्राओं में लेन-देन कर सकते हैं। भारत और रूस, चीन और रूस, चीन और ईरान अपनी मुद्राओं में ही कारोबार कर रहे हैं। जहां तक युद्ध का सवाल है, उसमें अमरीका और रूस-चीन ‘पहल’ कर सकते हैं। रूस-चीन ईरान को हथियार सप्लाई के साथ खुफिया, सेटेलाइट जानकारियां भी मुहैया करवा रहे हैं। नतीजतन ईरान खाड़ी देशों के अमरीकी सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले करने में कामयाब हो रहा है। दूसरी ओर, अमरीका और यूरोप ने यूक्रेन को युद्ध के लिए उकसाया था। उसे आर्थिक मदद के अलावा विनाशक मिसाइलें, ड्रोन आदि भी मुहैया कराए थे। अब भी वे मदद कर रहे हैं, हालांकि अमरीका खुद हथियारों के संकट से जूझ रहा है, लेकिन शांति का रास्ता इन्हीं देशों से निकलेगा। क्या ब्रिक्स उसमें सार्थक भूमिका अदा कर सकता है? क्या भारत की ओर से भी इस लड़ाई को खत्म करने के लिए कोई ठोस व सार्थक पहल होगी?

Advertisement Carousel
Share.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
November 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30