नई दिल्ली। वे आए, उन्होंने बातचीत की और फिर ब्रिक्स (BRICS) की एक बड़ी सी फैमिली फोटो सामने आई। समिट के दूसरे दिन जब कैमरे तस्वीरें ले रहे थे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीच में थे और उनके अगल-बगल रूस, चीन और दुनिया के दूसरे नेता मौजूद थे।
भारत, रूस, चीन और ईरान सहित 11 देशों के ब्रिक्स समूह के सदस्यों ने शनिवार को नई दिल्ली में एक संयुक्त बयान जारी कर पहले के मतभेदों को दूर करते हुए मिडिल ईस्ट में शांति का आह्वान किया।
चीन के राष्ट्रपति ने क्या कहा?
भारत की राजधानी में रूस, ईरान, भारत और अन्य देशों के नेताओं के साथ शामिल हुए चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने समिट में कहा कि मिडिल ईस्ट का युद्ध अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के अनुरूप नहीं है।
जिनपिंग PM मोदी के ब्रिक्स गाला डिनर में शामिल नहीं हुए
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स समिट में शामिल होने वाले नेताओं, अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के लिए एक शानदार डिनर का आयोजन किया था, जिसमें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल नहीं हुए। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद भी इस डिनर में मौजूद नहीं थे; वे दिन में समिट में हिस्सा लेने के बाद अपने देश लौट गए थे। शी के शामिल न होने की वजह का तुरंत पता नहीं चल सका, हालांकि एक सूत्र ने बताया कि वे आराम करने के लिए अपने होटल लौट गए थे। शी शनिवार दोपहर दिल्ली पहुंचे थे, उन्होंने ब्रिक्स समिट में हिस्सा लिया और पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। वे सात साल बाद भारत आए हैं।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग दिल्ली से रवाना हुए
ब्रिक्स समिट 2026 में हिस्सा लेने के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग दिल्ली से रवाना हुए।



















