नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय ( ED ) प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज मुकदमों को जल्द से जल्द सजा के अंजाम तक पहुंचाने के लिए कमर कस रहा है। ईडी डायरेक्टर राहुल नवीन ने अपने सभी जोनल ऑफिसरों से कहा है कि वह कम से कम 10 हाई-प्रोफाइल केस पर तेजी से काम शुरू कर दें, ताकि 6 से 8 महीनों के भीतर दोषियों को सजा दिलाई जा सके। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी और चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू यादव जैसे कई हाई-प्रोफाइल नेताओं के खिलाफ भी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले चल रहे हैं।

ईडी पर आरोप लगते रहे हैं कि वह राजनीतिक प्रभाव में कार्रवाई करता है। क्योंकि, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े जितने भी बड़े आरोपी हैं, वह आसानी से धुरंधर वकीलों का सहारा लेकर मुकदमों को लंबा खींचते चले जाते हैं। लेकिन, हमारे सहयोगी अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अब ईडी ने ऐसे हाई-प्रोफाइल आरोपियों के खिलाफ कमर कसने की तैयार कर ली है। ईडी डायरेक्टर राहुल नवीन चाहते हैं कि मनी लॉन्ड्रिंग के मुकदमों को तेजी से नतीजे तक पहुंचाया जाए।

पीएमएलए केस में ट्रायल में तेजी लाना चाहता है ईडी

14 और 15 अक्टूबर को आईआईएम बैंगलोर में ईडी के जोनल अफसरों का 36वां तिमाही सम्मेलन हुआ। इस दौरान एजेंसी ने अपनी काम की प्राथमिकताओं, जांच के तरीके, सजा दिलाने की रणनीति और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की समीक्षा की। इस सम्मेलन में सबसे ज्यादा फोकस पीएमएलए केस में ट्रायल में तेजी लाने पर रहा।

मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में जल्द सजा दिलाने का लक्ष्य

  • ईडी डारेक्टर राहुल नवीन ने सभी जोनल चीफ से कहा कि अपने जोन में ऐसे कम से कम 10 हाई-प्रोफाइल केस की पहचान करें, जिन्हें 6 से 8 महीने के अंदर अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है।
  • ईडी डायरेक्टर ने अपने अफसरों को निर्देश दिए कि ट्रायल शुरू होने से पहले तैयारियों को पुख्ता करके रखें।
  • जो मुकदमे 6 महीने से ज्यादा संज्ञान लिए जाने का इंतजार कर रहे हैं, उनकी हर महीने समीक्षा करें।
  • जो मामले 10 साल से पेंडिंग पड़े हुए हैं, उनकी विशेष तरह से निगरानी करें।

डेढ़ साल में सभी जांच पूरी करना चाहता है ईडी

  • मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े हाई-प्रोफाइल केस की संवेदनशीलता को देखते हुए ईडी डायरेक्टर ने अपने अफसरों से ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को लेकर खास तौर पर आगाह किया है।
  • उनका मानना है कि इससे ऐसे मामलों से जुड़े गोपनीय दस्तावेज लीक हो सकते हैं।
  • ईडी अफसरों को निर्देश दिया गया है कि जांच से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों के प्रति पूरी तरह से सावधानी बरतें।
  • ईडी चीफ का साफ कहना है कि वह चाहते हैं कि अभी जो जांच में चार से पांच साल लग जाते हैं, उसे घटाकर हर हाल में लगभग 18 महीने तक लाना है।

ईडी का एक्शन, सियासत के लिए भी महत्वपूर्ण

2029 के लोकसभा चुनावों को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय की यह तैयारी सियासत के लिए भी मायने रखती है। क्योंकि, देश में पीएमएल केस कॉर्पोरेट जगत से जुड़े कुछ बड़े लोगों और भगोड़े बिजनेसमैन पर ही नहीं चल रहे हैं, इसके शिकंजे में कई हाई-प्रोफाइल नेता भी हैं।

ईडी के चलते कई नेताओं की बढ़ सकती है मुश्किल

अगर ईडी अपने लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ने में सफल रहा तो इनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं-

  1. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी- नेशनल हेराल्ड घोटाला केस
  2. लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव- आईआरसीटीसी घोटाला केस
  3. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन- रांची के बड़गाईं जमीन फर्जीवाड़ा केस
  4. आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल- दिल्ली शराब नीति घोटाला केस
  5. कांग्रेस नेता पी चिदंबरमऔर उनके बेटे कार्ति चिदंबरम- आईएनएक्स मीडिया और एयरसेल-मैक्सिस केस

जांच और ट्रायल में तेजी के लिए ईडी की पुख्ता तैयारी

  • प्रवर्तन निदेशालय मनी लॉन्ड्रिंग के में जल्द सजा दिलाने की बात सिर्फ कह नहीं रहा है। इसके लिए जरूरी तैयारियां शुरू भी हो चुकी हैं और केंद्र सरकार ने इसके लिए अफसरों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मंजूरी भी दे दी है।
  • 1 जनवरी, 2027 से प्रवर्तन निदेशालय में काम करने वाले लोगों की संख्या में विस्तार शुरू हो जाएगा।
  • इसके तहत ईडी के लिए स्वीकृत पदों की संख्या 2,029 से बढ़ाकर 3,256 कर दी गई है। यह 60 फीसदी की बढ़ोतरी है।
  • अब ईडी के पीएमएलए जोन की संख्या बढ़कर 50 हो जाएगी और 5 जोन पूरी तरह से फेमा (FEMA) के लिए समर्पित होकर काम करेंगे।
  • ईडी की फंक्शनल यूनिट की संख्या भी 131 से बढ़कर 241 की जा रही है।
Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930