मुंबई : बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने दिशा सालियान डेथ केस में एफआईआर दर्ज की है। इस एफआईआर में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, एक्टर डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती, रिया के भाई शौविक चक्रवर्ती, महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और मुंबई के पूर्व कमिश्नर परम बीर सिंह का नाम है। दिशा सालियान के मंगेतर रोहन रॉय का नाम भी एफआईआर में शामिल है। मामले में बड़े राजनीतिक नाम होने के बाद महाराष्ट्र में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच सीबीआई ने अपनी जांच की आगे बढ़ाया है।
दिशा सालियान केस की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरा मामला साफ हो सकेगा। सीबीआई की जो अफसर इस मामले की जांच कर रही हैं वह सम्मानित CBI अधिकारी सीमा पाहुजा हैं। वह ही जांच टीम का हिस्सा हैं।
कौन हैं सीमा पाहुजा
सीबीआई ऑफिसर सीमा पाहुजा को संवेदनशील आपराधिक मामलों की जांच में महारत हासिल है। वह अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल इस हाई-प्रोफाइल जांच में करेंगी। यह टीम उन सभी लोगों के बयान दर्ज करेगी जो 8 जून, 2020 को दिशा की मौत से पहले उस रात मुंबई में उनके मंगेतर रोहन रॉय के घर पर हुई एक पार्टी में शामिल हुए थे।
सीबीआई मुख्यालय दिल्ली से आईं मुंबई
एक अनुभवी जांचकर्ता सीमा पाहुजा अभी दिल्ली में एजेंसी के हेडक्वार्टर में स्पेशल क्राइम्स यूनिट में SP के तौर पर तैनात हैं। इससे पहले वह चंडीगढ़ में CBI में ASP के पद पर थीं। जांच अधिकारी डिप्टी SP पूरन कुमार और अन्य लोगों की टीम उनकी मदद करेगी। बारीकी से जांच करने और फोरेंसिक मामलों की गहरी समझ के लिए जानी जाने वाली सीमा पाहुजा ने जांच एजेंसी में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है।
बेस्ट इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर का मिल चुका है अवॉर्ड
जटिल सबूतों की कड़ियों को सुलझाने में उनके शानदार ट्रैक रिकॉर्ड के लिए उन्हें 2021 में ‘बेस्ट इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर’ का गोल्ड मेडल मिला था। उनके साथ काम कर चुके अधिकारियों ने बताया कि अपने करियर के दौरान सीमा पाहुजा को ऐसे जटिल, संवेदनशील और भावनात्मक मामलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है जिन्होंने देश का ध्यान खींचा है।
बड़े-बड़े केस किए सॉल्व
सीमा पाहुजा के काम में 2024 का कोलकाता RG कर रेप और मर्डर केस और 2020 का हाथरस केस जैसी बड़ी जांचों में अहम भूमिकाएं शामिल हैं। एक अधिकारी ने कहा कि 2017 में, उन्होंने उन्नाव रेप केस के अलावा शिमला में 16 साल की लड़की के साथ रेप और मर्डर की एक और घटना की जांच की थी। शिमला केस में एक बहुत मुश्किल गुत्थी को सुलझाने के लिए आधुनिक फोरेंसिक टूल्स का इस्तेमाल करने पर उन्हें काफी तारीफ मिली थी। अब दिशा सालियन की 2020 में हुई मौत से जुड़े हालात का पता लगाने की जिम्मेदारी मिलने के बाद, पाहुजा को लोगों की कड़ी नजर का सामना करना होगा।
दिशा सालियान केस में आदित्य ठाकरे के नाम पर गरमाई सियासत, संजय राउत का एकनाथ शिंदे और अमित शाह पर आरोप

मुंबई : दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। मामले में सीबीआई ने फआईआर दर्ज कर ली है जिसके बाद महाराष्ट्र की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। इस मामले में शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इसे बालासाहेब ठाकरे के परिवार को बदनाम करने की राजनीतिक साजिश करार दिया है। वहीं भाजपा और जेडीयू नेताओं ने कहा है कि जांच से सच सामने आएगा।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि हाई कोर्ट ने साफ आदेश दिया था। आदेश में था कि जो परिवार वाले कोर्ट गए थे, खासकर लड़की के पिता, उनसे कहा गया था कि जब तक किसी के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो जाते, तब तक उन्हें आरोपी नहीं माना जाएगा।
अमित शाह और एकनाथ शिंदे की मुलाकात के बाद FIR का आरोप
संजय राउत ने कहा कि हाई कोर्ट ने साफ कहा था कि उनके नाम एफआईआर में शामिल नहीं किए जाएंगे। लेकिन, दो दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री महाराष्ट्र आए थे और उनके साथ एक और नेता भी थे। वे दोनों आधे से एक घंटे तक एक ही कार में साथ रहे। उसके बाद, ये सभी नाम 16 पन्नों की एफआईआर में शामिल कर लिए गए। संजय राउत का इशारा शिवसेना के बागी और महाराष्ट्र के मौजूदा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर था।
यह दिल्ली की राजनीतिक साजिश है, जिसका उद्देश्य ठाकरे परिवार की छवि धूमिल करना है। इस परिवार का लोगों के दिलों में स्थान है।
संजय राउत
बालासाहेब ठाकरे के परिवार को बदनाम करने का आरोप
संजय राउत ने आगे कहा कि बालासाहेब ठाकरे का परिवार महाराष्ट्र का सबसे लोकप्रिय राजनीतिक परिवार है। इस परिवार को बदनाम करने की एक राजनीतिक साजिश है। लेकिन, हम लड़ेंगे और हमारी लड़ाई जारी रहेगी। हम दिखाएंगे कि महाराष्ट्र और हमारे खिलाफ किस तरह की साजिश रची गई थी।



















