नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्रदान करने तथा देय तिथि से एरियर का भुगतान किए जाने की मांग की है। इस संबंध में संघ के अध्यक्ष चन्द्रकांत पाण्डेय ने मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन को ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।
संघ ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि भारत सरकार के व्यय विभाग द्वारा केंद्रीय शासकीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 01 जुलाई 2025 से वृद्धि कर इसे 58 प्रतिशत किया गया था। इसके पश्चात 01 जनवरी 2026 से पुनः 2 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत किया गया है।
वहीं, छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग द्वारा 01 जनवरी 2026 से राज्य के शासकीय सेवकों के लिए 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत किया गया है। इस प्रकार वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों एवं छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत का अंतर बना हुआ है।
संघ का कहना है कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों एवं पेंशनरों की क्रय शक्ति पर मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के उद्देश्य से प्रदान किया जाता है। वर्तमान में दैनिक उपयोग की वस्तुओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, परिवहन सहित अन्य आवश्यक व्ययों में वृद्धि के कारण कर्मचारियों एवं पेंशनरों पर आर्थिक भार बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में केंद्र एवं राज्य के महंगाई भत्ते की दर में अंतर से राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य के शासकीय कर्मचारी एवं अधिकारी भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए राज्य की प्रशासनिक एवं विकासात्मक व्यवस्था को संचालित कर रहे हैं। इसलिए महंगाई भत्ते की दर में समानता स्थापित किया जाना कर्मचारियों एवं पेंशनरों के हित में होगा।
संघ ने मुख्य सचिव से मांग की है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए वर्तमान 58 प्रतिशत महंगाई भत्ते को बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया जाए तथा बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ 01 जनवरी 2026 से देय तिथि के आधार पर एरियर सहित प्रदान किया जाए।



















