‘न मांग, न जांच, न घटना प्रमाण-पत्र’ की प्रक्रिया में फंसे 320 से 350 प्रकरण

महासंघ ने संभाग स्तर पर NOC जारी करने की मांग की

रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग में व्याख्याता से प्राचार्य पद पर पदोन्नत होकर सेवानिवृत्त हुए सैकड़ों प्राचार्यों को एक वर्ष बाद भी पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी नहीं होने के कारण पेंशन एवं सेवानिवृत्ति लाभों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए लंबित प्रकरणों का तत्काल निराकरण करने की मांग की है।

महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने बताया कि स्कूल शिक्षा मंत्री के अनुमोदन से वर्ष 2025 में कुल 2798 व्याख्याताओं को प्राचार्य पद पर पदोन्नति दी गई थी। इनमें लगभग 300 से अधिक शिक्षक ऐसे थे, जो पदोन्नति के एक-दो दिन के भीतर ही सेवानिवृत्त हो गए। पदोन्नति के बाद सेवानिवृत्त हुए इन शिक्षकों के अनेक प्रकरणों में अभी तक PPO जारी नहीं हो सका है।

महासंघ द्वारा विभिन्न संभागों से एकत्र की गई जानकारी के अनुसार प्रदेश में लगभग 320 से 350 पेंशन प्रकरण केवल NOC के अभाव में लंबित हैं। संभागवार प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर संभाग में लगभग 75 से 80, दुर्ग संभाग में 65 से 70, बिलासपुर संभाग में 120 से 135, सरगुजा संभाग में 35 से 40 तथा बस्तर संभाग में 25 से 30 प्रकरण लंबित बताए गए हैं।

बिलासपुर संभाग में लंबित प्रकरणों की संख्या सर्वाधिक 120 से 135 बताई गई है। इन प्रकरणों में बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले शामिल हैं।

महासंघ का कहना है कि सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन प्रकरणों में “न मांग, न जांच, न घटना प्रमाण-पत्र” संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद NOC जारी करने की प्रक्रिया अब अनावश्यक रूप से लंबी हो गई है। पूर्व में यह प्रमाण-पत्र जिला शिक्षा अधिकारी तथा संभागीय संयुक्त संचालक स्तर पर ही जारी हो जाता था, लेकिन अब DPI रायपुर द्वारा ऐसे प्रकरणों को मंत्रालय भेजे जाने की व्यवस्था किए जाने से पेंशन प्रकरणों के निराकरण में विलंब हो रहा है।

महासंघ ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारी के लिए PPO केवल एक प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि उसके पेंशन अधिकार को सुनिश्चित करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है। PPO जारी होने में अनावश्यक विलंब होने से संबंधित पेंशनर को पेंशन, ग्रेच्युटी तथा अन्य सेवानिवृत्ति लाभ प्राप्त करने में कठिनाई होती है। लंबे समय तक प्रकरण लंबित रहने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक एवं प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस बारे में मुख्य सचिव विकासशील को से प्रत्यक्ष मुलाकात कर निराकरण हेतु ज्ञापन देकर लंबी चर्चा के बाद शासन द्वारा कार्यवाही की जा रही है।

महासंघ ने उप सचिव आर.पी. वर्मा के 21 सितंबर 2026 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि इसमें सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को 30 सितंबर तक लंबित पेंशन प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में प्रत्येक वर्ष 1 से 30 अप्रैल तक ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविर लगाकर सेवा पुस्तिका पूर्ण करने तथा अक्टूबर 2026 से सेवानिवृत्ति के माह में ही PPO जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आदेश में न्यायालयीन प्रकरणों के निराकरण के लिए बिलासपुर स्थित कोर्ट सेल की सहायता लेने का निर्देश भी दिया गया है। महासंघ का कहना है कि यदि इन निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन किया जाए तो पेंशन प्रकरणों के अनावश्यक लंबित रहने की समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।

प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने शासन से मांग की है कि उप सचिव आर.पी. वर्मा के 21 सितंबर के आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा प्रदेश के सभी 33 जिलों में 30 सितंबर तक विशेष पेंशन शिविर आयोजित किए जाएं।

जारी विज्ञप्ति में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ से प्रदेशभर से शिक्षा विभाग के जुड़े पेंशनर कर्मचारी नेता क्रमशः रामनारायण ताटी जगदलपुर, श्री मति देवकी अग्रवाल बिलासपुर, सुश्री रेखा ठाकुर कोंडागांव, रूपकुमार झाड़ी दंतेवाड़ा, एस. कासिमुद्दीन सुकमा, आर डी झाड़ी बीजापुर, सुंदर लाल नेताम नारायणपुर, अरुण तिवारी जांजगीर, पी आर साहू दुर्ग, डी आर गजेन्द्र बालोद,परमेश्वर स्वर्णकार चांपा, हरि प्रसाद मिश्रा सक्ति, ठाकुर सुरेन्द्र सिंह पेंड्रा, प्रेमचंद गुप्ता कोरिया,मंगरा राम महतो जशपुर, सुरेश शर्मा अंबिकापुर,सुहास लाम्बट रायगढ़, नारायण प्रसाद यादव पत्थलगांव,एम एन पाठक रायपुर,ओ डी शर्मा रायपुर, क्रांति कुमार सोनी रायपुर,संजयपुरी गोस्वामी रायपुर,एम एल यादव कोरबा,खोड़सराम कश्यप बलौदाबाजार, रीखीराम साहू महासमुंद, लखनलाल साहू गरियाबंद, आदि ने कहा है कि व्याख्याता से प्राचार्य पद पर पदोन्नत होकर सेवानिवृत्त हुए सभी शिक्षकों के लंबित NOC का निराकरण संभाग स्तर पर ही किया जाए और इसके लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों की फाइलों को बार-बार मंत्रालय भेजने की प्रक्रिया को समाप्त किया जाए। NOC जारी होने के तत्काल बाद संबंधित पेंशन प्रकरणों में PPO जारी कर पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभ उपलब्ध कराए जाएं।

महासंघ ने यह भी मांग की कि भविष्य में किसी भी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के बाद PPO के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। इसके लिए सेवानिवृत्ति से पूर्व ही सेवा पुस्तिका, NOC एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच और पूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा शासन के निर्देशानुसार सेवानिवृत्ति माह में ही PPO जारी करने की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930