कोलकाता. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कोलकाता, दिल्ली और बेंगलुरु में 16 जगहों पर एक साथ छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया. यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं, विदेशी मुद्रा नियमों (फेमा) के उल्लंघन और एक कॉर्पोरेट कंपनी के अधिग्रहण से जुड़े करोड़ों रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले के सिलसिले में की गई. ईडी के अधिकारी बुधवार सुबह से ही कोलकाता में दो जगहों पर छापेमारी और तलाशी अभियान चला रहे हैं.

सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय एजेंसी ने कोलकाता में दो जगहों पर तलाशी ली, जिनमें दक्षिण कोलकाता के बालीगंज और न्यू अलीपुर में दो कॉर्पोरेट कंपनियों के डायरेक्टरों के घर भी शामिल हैं. जांच के तहत अधिकारी बैंक अकाउंट और कॉर्पोरेट रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, इस मामले में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी, विदेशी मुद्रा लेनदेन के नाम पर धोखाधड़ी और भारी मात्रा में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं. इन जानकारियों के आधार पर, ईडी की टीमों ने कई शहरों में एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया.

सूत्रों ने बताया कि ये तलाशी अभियान ‘फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट’ (एफईएमए) के कथित उल्लंघन और ‘मैकनली भारत इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड’ (एमबीईसीएल) का कंट्रोल हासिल करने के लिए इस्तेमाल किए गए फंड के इस्तेमाल और आवाजाही में कथित गड़बड़ियों से जुड़े हैं. खबरों के मुताबिक, जिन जगहों पर तलाशी ली जा रही है, उनका संबंध एमबीईसीएल और उसके अधिग्रहण की प्रक्रिया से जुड़ी संस्थाओं और व्यक्तियों से है, जिनमें कई प्राइवेट कंपनियाँ भी शामिल हैं.

एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इनसॉल्वेंसी रिज़ॉल्यूशन प्रोसेस का इस्तेमाल करके कंपनी पर अप्रत्यक्ष रूप से फिर से कंट्रोल हासिल करने की कोशिश तो नहीं की गई, ऐसे लोगों द्वारा जो ‘इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016’ की धारा 29ए के तहत अयोग्य हो सकते हैं. कोलकाता के अलावा, दिल्ली और बेंगलुरु में भी ईडी अधिकारियों की अलग-अलग टीमें इसी तरह की छापेमारी और तलाशी अभियान चला रही हैं. कुल मिलाकर, केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी 16 जगहों पर छापेमारी कर रहे हैं.

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