महासमुंद। वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती निरंजना चंद्राकर के नेतृत्व व मार्गदर्शन में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता एवं आत्मीयता व्यक्त करना तथा नई पीढ़ी को उनके अनुभव और जीवन-मूल्यों से जोड़ना रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती निरंजना चंद्राकर ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज की मजबूत नींव हैं। उन्होंने अपने जीवन के लंबे अनुभव, संघर्ष और ज्ञान से परिवार व समाज को दिशा दी है। उनका अनुभव नई पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है। वरिष्ठजनों का सम्मान केवल एक सामाजिक परंपरा नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी और संस्कारों का परिचायक है।
श्रीमती रश्मि चंद्राकर ने कहा कि हमें बुजुर्गों को बोझ नहीं, बल्कि परिवार और समाज के लिए आशीर्वाद समझना चाहिए। उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुनना, उनके अनुभवों से सीखना तथा उन्हें समय, स्नेह और सम्मान देना हम सभी का दायित्व है।

घर-घर जाकर विभूतियों का किया गया आत्मीय सम्मान
प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती निरंजना चंद्राकर की अगुवाई में महिला महासभा की टीम ने चिकित्सा, शिक्षा, विधि एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठजनों के निवास स्थान पर जाकर उनका अभिनंदन किया। इस क्रम में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गिरधारी चंद्राकर, डॉ. घनश्याम चंद्राकर, शिक्षाविद श्री मानक लाल चंद्राकर, अधिवक्ता श्री दुवन चंद्राकर तथा महिला सशक्तिकरण की मिसाल श्रीमती लीला भारत चंद्राकर का विशेष सम्मान कर उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष श्रीमती तारिणी चंद्राकर सहित सुरेखा चंद्राकर, केसरी, पिंकी, शशि, चंद्रकला, पुष्पा, लीना, सुनीता, सुष्मिता, सीमा, मीना, आरती, सकून, प्रतिभा चंद्राकर एवं अन्य महिला पदाधिकारी व सदस्याएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं।
कार्यक्रम का समापन वरिष्ठ नागरिकों के स्वस्थ, दीर्घायु और सम्मानपूर्ण जीवन की शुभकामनाओं के साथ हुआ।





















