कुल्लू (शम्भू प्रकाश): हिमाचल प्रदेश की धार्मिक पर्यटन नगरी मणिकर्ण में एक मृतक व्यक्ति की फर्जी वसीयत बनाकर जमीन और मकान हड़पने का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस कथित फर्जीवाड़े में राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। पुलिस ने मामले में एक सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार को मुख्य आरोपी बनाया है, जबकि साजिश में शामिल होने के आरोप में वर्तमान नायब तहसीलदार, कानूनगो और नंबरदार के खिलाफ भी नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई शिकायतकर्ता महिला पिंकी द्वारा डीएसपी हैडक्वार्टर को सौंपी गई शिकायत के आधार पर की गई है। महिला का आरोप है कि सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार पूर्ण चंद ने उसके दिवंगत मामा हुक्मी राम की फर्जी वसीयत तैयार की और मणिकर्ण स्थित उनके मकान के 2 कमरों पर अवैध कब्जा कर लिया। शिकायत के मुताबिक हुक्मी राम अपनी बहन (पिंकी की मां) कलमा देवी और भांजी पिंकी के साथ ही मणिकर्ण में रहते थे। वर्ष 2013 में हुक्मी राम और 2023 में कलमा देवी का निधन हो गया था। पिंकी ने बताया कि उन्होंने 2014 में पुश्तैनी कच्चे मकान की जगह नया मकान बनवाया था।
आरोप है कि मुख्य आरोपी पूर्ण चंद का मृतक हुक्मी राम से कोई पारिवारिक रिश्ता नहीं है। इसके बावजूद बीते अगस्त महीने में आरोपी ने जाली वसीयत के सहारे राजस्व विभाग के अधिकारियों (वर्तमान नायब तहसीलदार, कानूनगो व नंबरदार) के साथ मिलीभगत कर जमीन का इंतकाल अपने नाम करवा लिया। इस पूरी प्रक्रिया में असली कानूनी वारिस (पिंकी) को न तो शामिल किया गया और न ही राजस्व विभाग द्वारा उसके बयान दर्ज किए गए, जो कि नियम विरुद्ध है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि 16 सितम्बर को जब वह अपने परिवार के साथ दूसरे घर (टापरूबाई) गई हुई थी और मणिकर्ण वाला मकान बंद था, तब आरोपी ने आकर उनके 2 कमरों पर जबरन ताले जड़ दिए। महिला का यह भी आरोप है कि आरोपी घर का मालिक बनने की कोशिश कर रहा है और जान से मारने की धमकियां दे रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इससे पहले भी आरोपी के इशारे पर दो लोगों ने उनके घर में चोरी की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें गहने, बर्तन और जरूरी कागजात चुरा लिए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मणिकर्ण पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4), 329 (4) और 351 (2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जब इस बारे जरी के वर्तमान नायब तहसीलदार हेमराज शर्मा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि कौन-सा इंतकाल हुआ है, इसकी मुझे फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। मैं अभी अवकाश पर हूं। ड्यूटी पर लौटने के बाद मैं रिकॉर्ड चेक करूंगा और जिसने भी यह गलत काम किया होगा, उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।



















