मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। न्यूयार्क में एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष अब अपने अंतिम दौर में है और यह ‘बहुत जल्द’ खत्म हो जाएगा। ट्रंप ने साफ किया कि इस युद्ध का अंत केवल दो रास्तों से हो सकता है, या तो अमेरिकी सेना की निर्णायक कार्रवाई के जरिए या फिर तेहरान द्वारा वॉशिंगटन की शर्तों पर समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद। उन्होंने एक बार फिर साफ किया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।
‘ईरान की सेना और ताकत को कर दिया कमजोर’
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने इस जंग में ईरान को बहुत भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। उनके रडार और मिसाइल रोकने वाले सिस्टम खत्म हो चुके हैं। ईरान के बड़े-बड़े नेता मारे जा चुके हैं, जिससे अब वहां सरकार चलाने वाले नए लोग आ गए हैं। ट्रंप ने कहा कि वहां नेतृत्व बदलने की वजह से अमेरिका को यह समझ नहीं आ रहा कि आखिर बात किससे की जाए, लेकिन फिर भी पूरा नियंत्रण अमेरिका के हाथ में ही है।
परमाणु हथियारों पर कड़ा रुख और पूर्व प्रशासन पर हमला
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की इजाजत नहीं देगा। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु ताकत होती, तो वैश्विक स्तर पर तबाही मच सकती थी। इसी दौरान उन्होंने पूर्व अमेरिकी प्रशासनों और ओबामा सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पुरानी सरकारों ने ईरान को रोकने के लिए अरबों डॉलर दिए, लेकिन ईरान ने उसी पैसे का इस्तेमाल अपने परमाणु कार्यक्रम को बढ़ाने में कर लिया।
रूस से आ रहा तेल, रास्ते में घट सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
बातचीत के दौरान ट्रंप ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और रूस से आपूर्ति को लेकर भी अहम बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि रूस से अमेरिका को डीजल और तेल की आपूर्ति के सिलसिले में बातचीत और प्रक्रिया आगे बढ़ी हैरूस अमेरिका को लाखों बैरल तेल और डीजल भेज रहा है। इसके लिए उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का शुक्रिया भी अदा किया। ट्रंप का दावा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र पर नियंत्रण और रूसी ऊर्जा आपूर्ति के प्रभाव से न सिर्फ अमेरिका में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है



















