कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में दुष्कर्म के एक आरोपी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के विशेष वार्ड में भर्ती कराए जाने और वहां कथित रूप से मिल रही सुविधाओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोपी पवन महतो का एक वीडियो आज सामने आया है, जिसमें वह अस्पताल के बिस्तर पर मोबाइल फोन पर बातचीत करते और गुटखा खाते दिखाई दे रहा है। वीडियो में उसकी निगरानी के लिए तैनात दो पुलिस आरक्षक भी पास के बिस्तर पर आराम करते नजर आ रहे हैं। मामले में पुलिस अधिकारियों ने जांच के बाद आवश्यक कारर्वाई करने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत खरमोरा निवासी 32 वर्षीय महिला ने पवन महतो के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने की शिकायत दर्ज कराई है। महिला के पति की मृत्यु हो चुकी है और वह अपनी बेटी के साथ माता-पिता के घर रहकर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करती है। पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 14 अप्रैल 2022 को सतरेंगा में पिकनिक के दौरान उसकी मुलाकात पवन महतो से हुई थी। पवन कोरबा के एक पावर प्लांट में कार्यरत है। अभिनंदन कॉम्प्लेक्स के पास स्थित उसकी चार डिसमिल जमीन को बेचने के सिलसिले में दोनों के बीच परिचय हुआ था। इसके बाद आरोपी ने महिला से लगातार संपर्क बनाए रखा और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। महिला का आरोप है कि पवन ने उससे प्रेम संबंध स्थापित करने के बाद शादी करने का भरोसा दिलाया। इसी दौरान 19 अप्रैल 2023 को वह महिला को रामपुर हाउसिंग बोर्ड स्थित अपने किराए के फ्लैट में ले गया, जहां उसकी सहमति के बिना शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता के अनुसार, इसके बाद भी आरोपी शादी का आश्वासन देकर कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि जब भी वह शादी करने की बात कहती थी, पवन अपनी पत्नी को तलाक देकर उससे विवाह करने का भरोसा देता था। हालांकि, लगातार आश्वासन के बावजूद उसने शादी नहीं की और हर बार किसी न किसी बहाने से बात टालता रहा। महिला ने आरोपी पर लंबे समय तक शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में पीड़तिा ने 8 अक्टूबर 2026 को सिविल लाइन रामपुर थाने में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने पवन महतो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
पुलिस के अनुसार, 10 अक्टूबर को आरोपी को पकड़कर चिकित्सकीय परीक्षण के लिए ले जाया गया था। मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) और मुलाहिजा जांच के दौरान उसने स्वास्थ्य खराब होने की शिकायत की। इसके बाद उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह विशेष वाडर् में रखा गया है। इसी बीच मीडियाकर्मियों द्वारा अस्पताल में बनाया गया आरोपी का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में आरोपी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते और गुटखा खाते दिखाई दे रहा है। वहीं, उसके पास के बिस्तर पर निगरानी के लिए तैनात दो आरक्षक भी आराम करते नजर आ रहे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि जेल जाने से बचने के उद्देश्य से आरोपी अस्पताल में भर्ती हुआ है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चिकित्सकीय जांच के दौरान तबीयत बिगड़ने की शिकायत पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोपी के अस्पताल में भर्ती होने की चिकित्सकीय आवश्यकता और वहां उपलब्ध सुविधाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी जांच के दायरे में आ गई है। इस मामले में कोरबा के नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) प्रतीक चतुर्वेदी ने आज बताया कि संबंधित समय तक आरोपी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। इसलिए तकनीकी रूप से वह पुलिस अभिरक्षा में नहीं था। हालांकि, उसके फरार होने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एवं निगरानी के लिए दो आरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। सीएसपी ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में संबंधित आरक्षकों की लापरवाही सामने आती है, तो पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उनके खिलाफ कारर्वाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी अस्पताल में भर्ती है। पुलिस की ओर से उसके चिकित्सकीय परीक्षण और आगे की कानूनी प्रक्रिया के साथ ही अस्पताल में तैनात आरक्षकों की भूमिका की जांच की बात कही गई है।



















