मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ सांप कांड यानी अमित कश्यप हत्याकांड में आज कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। बहसूमा के अकबरपुर सादात गांव में रविता ने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर 12 अप्रैल 2025 की रात पति अमित की गला दबाकर हत्या कर दी थी। सर्पदंश से मौत दिखाने के लिए लाश के ऊपर सांप छोड़ दिया था। पोस्टमार्टम में गला दबाने से मौत होने की पुष्टि के बाद पुलिस ने रविता और अमरदीप को गिरफ्तार किया था। मेरठ कोर्ट ने करीब 18 माह बाद इस मामले में आरोपियों को फांसी की सजा सुना दी है। पुलिस ने इस मामले में तेजी से जांच पूरी कर दोनों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। मेरठ नीला ड्रम में आरोपियों मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाए जाने के महज दो दिन बाद कोर्ट का यह बड़ा फैसला सामने आया है।
क्या था वो मामला?
मेरठ का सांप कांड अप्रैल 2025 में सामने आया था। दरअसल, 12 अप्रैल 2025 की रात मेरठ जिले के बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में अमित कश्यप की हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड को अंजाम दिए जाने के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। हत्या को सर्पदंश का मामला दिखाने का प्रयास किया गया। इसके लिए अमित के बिस्तर पर सांप छोड़ दिया गया था। अमित की पत्नी ने मौत के बाद लोगों को घटना की जानकारी दी। उसके बिस्तर पर सांप देखकर लोग उसकी थ्योरी पर यकीन करने लगे थे।
अमित कश्यप के परिजनों को उसकी मौत के पीछे की घटना में झोल दिखा। अमित के गले पर निशान भी था। इसके बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। इससे रविता परेशान हो गई। मामले में वह पुलिस को बुलाने से भी इनकार करती रही थी। हालांकि, पुलिस मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची। अमित के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जांच में सामने आया कि रविता और उसके प्रेमी अमरदीप में मिलकर पहले अमित का गला घोंटा था।
रविता के ड्रामे से हुआ था शक
अमित की मौत के बाद रविता के ड्रामे ने परिजनों को शक करने पर मजबूर कर दिया। पति-पत्नी के बीच कुछ समय से विवाद की बात सामने आई थी। अमित की मौत के बाद पत्नी रविता काफी गमगीन होने का दिखावा करती रही। अमित के परिजनों ने जब हत्या की आशंका जताई तो उसने सर्पदंश के कारण मौत की बात कही। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमित की मौत की असली वजह सामने आ गई।
अमित की हत्या गला घोंटकर किए जाने का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चला। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज की। इसमें रविता के अमरदीप के साथ अवैध संबंधों और हत्या की साजिश का पर्दाफाश हुआ।
18 माह बाद आया फैसला
रविता और अमरदीप को पुलिस ने हिरासत में लिया। मामला मेरठ कोर्ट में शुरू हुआ। कोर्ट में 18 माह तक चली लंबी सुनवाई के बाद 7 अक्टूबर 2026 को दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया गया था। आज यानी 16 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने इस मामले को रेयर का रेयरेस्ट मामला करार देते हुए फांसी का ऐलान किया है।
मृतक की मां ने मांगी थी फांसी
अमित कश्यप हत्याकांड में मां मुनेश देवी ने दोनों दोषियों के लिए फांसी की मांग की थी। सजा के ऐलान के दौरान पीड़ित परिवार कोर्ट में मौजूद रहा। सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान रविता और अमरदीप को ऑनलाइन कोर्ट में पेश किया गया। दोनों पक्ष के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। आरोपी पक्ष के वकील ने अदालत से नरमी बरतने की गुहार लगाते हुए दोषियों के लिए कम सजा की मांग की। वहीं, पीड़ित पक्ष के वकील ने इस जघन्य हत्याकांड को समाज के लिए गंभीर संदेश बताते हुए दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग पर जोर दिया।



















