सरकारी क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के कारोबार में बढ़ोतरी के साथ ही उसकी वित्तीय स्थिति भी मजबूत हुई है। बैंक ने दूसरी तिमाही के वित्तीय आंकड़े जारी कर दिये हैं। बैंक ने सालाना आधार पर शुद्ध मुनाफे में 12.8% की बढ़त दर्ज की है। मुनाफा बढ़कर 5,532 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके साथ ही बैंक के खराब कर्ज यानी एनपीए में भी कमी आई है, जो उसकी एसेट क्वालिटी में सुधार का संकेत है।
PNB का ग्लोबल बिजनेस 31.18 लाख करोड़ रुपये रहा
बैंक के ग्लोबल बिजनेस में सालाना आधार पर 11.9% की बढ़ोतरी हुई और यह 31.18 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान जमा राशि और कर्ज, दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। पीएनबी की ग्लोबल जमा राशि 9.9% बढ़कर 17.77 लाख करोड़ रुपये हो गई। वहीं, बैंक की ओर से दिए गए ग्लोबल कर्ज यानी एडवांस में 14.7% की वृद्धि हुई और यह 13.41 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी 4.2% बढ़कर 7,532 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेटिंग प्रॉफिट से बैंक की मुख्य बैंकिंग गतिविधियों से होने वाली कमाई का पता चलता है।
एनपीए घटने से बैंक को राहत
पीएनबी की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है। बैंक का ग्रॉस एनपीए (GNPA) सालाना आधार पर 0.90 प्रतिशत घटकर 2.55% रह गया। एक साल पहले के मुकाबले यह कमी बैंक के लिए राहत की बात है। नेट एनपीए (NNPA) भी 0.11 प्रतिशत घटकर 0.25% पर आ गया। एनपीए यानी नॉन-परफॉर्मिंग एसेट ऐसे कर्ज होते हैं, जिनकी किस्त या ब्याज तय समय तक नहीं चुकाया जाता और वे बैंक के नियमों के अनुसार खराब कर्ज की श्रेणी में आ जाते हैं।
बैंक की प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR), जिसमें तकनीकी तौर पर बट्टे खाते में डाले गए कर्ज भी शामिल हैं, 0.41 प्रतिशत अंक बढ़कर 97.32% हो गई। इसका मतलब है कि बैंक ने संभावित नुकसान से निपटने के लिए अपने खराब कर्ज के मुकाबले पर्याप्त प्रावधान किया है।



















