देहरादून जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष और मशहूर गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल कांग्रेस में शामिल हो गए. कुछ दिन पहले ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से इस्तीफा दिया था. बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं. अब कांग्रेस में वापसी के साथ इन चर्चाओं पर विराम लग गया है.
रामशरण नौटियाल ने सोमवार दोपहर 12 बजे कांग्रेस की सदस्यता ली. इस दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की नेशनल सेक्रेटरी कुमारी शैलजा, उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य मौजूद रहे.
कांग्रेस से शुरू हुआ था रामशरण नौटियाल का राजनीतिक सफर
रामशरण नौटियाल का कांग्रेस से पुराना नाता रहा है.उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से ही की थी. पार्टी में रहते हुए वह उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी रहे. हालांकि, साल 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था. बीजेपी में शामिल होने के बाद भी वह उत्तराखंड की राजनीति में सक्रिय रहे. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें चकराता सीट से उम्मीदवार बनाया था. हालांकि, इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और वह दूसरे स्थान पर रहे. चकराता विधानसभा क्षेत्र में रामशरण नौटियाल का अच्छा राजनीतिक प्रभाव माना जाता है.
कांग्रेस में शामिल होने के बाद क्या बोले रामशरण नौटियाल?
कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद रामशरण नौटियाल ने कहा कि पार्टी उनके बारे में क्या सोचती है, इस पर वह कुछ नहीं कह सकते. उन्होंने कहा कि पार्टी मेरे बारे में क्या सोचती है, मैं इसके बारे में कुछ नहीं कह सकता. मैंने पार्टी के लिए ये सोचा कि मैं पार्टी ज्वाइन करूं और कांग्रेस के लिए काम करूं. ना मैंने कोई कमिटमेंट लिया है. मैंने कमिटमेंट दिया है कि मैं पूरी तरह से पार्टी के लिए काम करूंगा. उनके इस बयान से साफ है कि फिलहाल उन्होंने कांग्रेस के साथ काम करने पर जोर दिया है. हालांकि, पार्टी में उन्हें आगे क्या जिम्मेदारी मिलेगी, इस बारे में उन्होंने कोई दावा नहीं किया.
कुमारी शैलजा ने किया स्वागत, बीजेपी छोड़ने की बताई वजह
रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में शामिल होने पर कुमारी शैलजा ने उनका स्वागत किया.उन्होंने कहा कि नौटियाल पहले भी कांग्रेस में उपाध्यक्ष और महासचिव जैसे पदों पर रह चुके हैं. कुछ कारणों से उन्होंने पहले पार्टी छोड़ी थी, लेकिन अब दोबारा कांग्रेस में लौटे हैं. कुमारी शैलजा ने दावा किया कि रामशरण नौटियाल बीजेपी में सहज महसूस नहीं कर रहे थे. उनके मुताबिक, बीजेपी की कार्यशैली और वहां के माहौल से वह खुश नहीं थे. शैलजा ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को देखकर उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया है.
उत्तराखंड की राजनीति में क्या होगा असर?
रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी को उत्तराखंड की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. चकराता क्षेत्र में उनके प्रभाव और कांग्रेस में उनके पुराने अनुभव को देखते हुए पार्टी को उनसे राजनीतिक मजबूती की उम्मीद हो सकती है.



















