जम्मू में एक आर्मी अफसर की पत्नी के खिलाफ जासूसी के आरोपों में FIR दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार महिला पर विदेशी खुफिया एजेंसियों से जुड़े लोगों के संपर्क होने और उनके लिए भारत की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील विषयों पर रिसर्च पेपर तैयार करने का आरोप है. शुरुआती जांच में महिला के मोबाइल फोन से भारत की रक्षा, सैन्य रणनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं.
चैटजीपीटी और क्लाउड से तैयार किए नोट्स
रिपोर्ट्स में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि 14 अक्टूबर को खुफिया एजेंसी और पुलिस की संयुक्त टीम ने महिला उस समय पूछताछ को रोका, जब महिला जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पर पठानकोट जाने वाली ट्रेन में सवार होने वाली थी. इसके बाद उसे आगे की पूछताछ के लिए नजदीकी सैन्य स्टेशन ले जाया गया.
अधिकारियों का कहना है कि महिला को सुरक्षा, रक्षा और भू-राजनीति से जुड़े विषयों पर रिसर्च पेपर तैयार करने का काम दिया गया था. इनमें लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) की स्थिति, अरुणाचल प्रदेश में महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और ड्रोन की तैनाती जैसे विषय शामिल हैं. बताया गया है कि महिला ने इन विषयों पर नोट्स तैयार करने के लिए चैटजीपीटी और क्लाउड जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का इस्तेमाल किया था. आरोप है कि ये दस्तावेज चीन की खुफिया एजेंसियों से जुड़े लोगों के लिए तैयार किए जा रहे थे.
विदेशी नागरिकों से संपर्क में थी महिला
महिला तेलंगाना की रहने वाली है और फ्रीलांस रिसर्चर के तौर पर काम करती है. उसने 2023 में एक आर्मी मेजर से शादी की थी. महिला ने 2021 में बेंगलुरु से इंटरनेशनल रिलेशंस में मास्टर डिग्री और 2022 में जिनेवा से यूरोपियन एंड इंटरनेशनल गवर्नेंस में मास्टर डिग्री हासिल की है. अधिकारियों के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र (UN) में इंटर्नशिप के दौरान उसकी कई विदेशी नागरिकों से संपर्क हुई थी. इनमें एक चीनी नागरिक भी शामिल था, जिसके साथ वह व्हाट्सऐप पर संपर्क में थी. इसके अलावा, 2024 में सोशल मीडिया के जरिए उसकी एक मलेशियाई नागरिक से भी बातचीत हुई थी. जांच अधिकारियों का दावा है कि यह व्यक्ति चीनी खुफिया एजेंसियों के लिए काम करता था.
फोन में मिले रक्षा और विदेश नीति से जुड़े दस्तावेज
शुरुआती जांच में मोबाइल फोन से भारत-इटली रक्षा बैठक, सेना प्रमुख की अमेरिका यात्रा, भारत-रूस रक्षा समझौते, भारत-चीन संबंधों और भारत-सेशेल्स संबंधों से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है. इसके अलावा, अरुणाचल प्रदेश की कलई-II जलविद्युत और कमला परियोजनाओं, कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन और असम की परियोजनाओं से संबंधित जानकारी भी मिलने का दावा किया गया है. फिलहाल जांच एजेंसियां महिला के डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेनदेन की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं. ताकी यह पता लगाया जा सके कि कौन-सी जानकारी किससे साझा की गई, क्या वह संवेदनशील या गोपनीय थी और क्या इसके बदले किसी तरह का भुगतान हुआ था.



















