ग्वालियर : ग्वालियर के शीतला माता मंदिर हादसे में घायलों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हादसे में घायल 78 वर्षीय मोतीलाल प्रजापति ने मंगलवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह ग्राम सातऊ, गिर्द के निवासी थे। हादसे में घायल होने के बाद उन्हें निजी लिंक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर उनका निधन हो गया। बताया जा रहा है कि चोट लगने के कारण उनकी खून की नली में खून का थक्का जम गया था, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। वहीं, स्वास्थ्य विभाग लगातार अस्पताल में भर्ती घायलों की निगरानी कर रहा था।
शीतला माता मंदिर हादसे में घायल 78 वर्षीय मोतीलाल प्रजापति की मौत से उनके परिवार में शोक छा गया है। जानकारी के मुताबिक, हादसे में घायल होने के बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए निजी लिंक अस्पताल लेकर पहुंचे थे। यहां उनका लगातार उपचार किया जा रहा था। चोट लगने के कारण उनकी खून की नली में खून का थक्का जम गया था। चिकित्सकीय भाषा में इसे सुपरफिशियल फेमोरल थ्रोम्बोसिस कहा जाता है। इसी जटिलता के बीच मंगलवार सुबह करीब 6 बजकर 15 मिनट पर उन्होंने दम तोड़ दिया।
बताया गया है कि मोतीलाल प्रजापति को वर्ष 2024 में हृदय संबंधी बीमारी के चलते स्टेंट भी डाला गया था। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी लगातार अस्पताल में भर्ती घायलों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे थे। सोमवार शाम को भी सीएमएचओ ने अस्पताल पहुंचकर मोतीलाल प्रजापति और उनके परिजनों से मुलाकात की थी तथा उपचार की जानकारी ली थी। लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद बुजुर्ग की जान नहीं बचाई जा सकी। शीतला माता मंदिर हादसे में एक और घायल की मौत ने पीड़ित परिवारों के दुख को और बढ़ा दिया है।



















