अयोध्या. हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है. मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. ज्योतिष शास्त्र में भी शरद पूर्णिमा को मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए बेहद खास माना गया है. मान्यता है कि इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है. लोकल 18 से अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि सनातन धर्म में शरद पूर्णिमा का अपना अलग महत्व है. हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा. 26 अक्टूबर को स्नान और दान किया जाएगा. 25 अक्टूबर की रात पूर्णिमा का चंद्रमा दिखाई देगा. इस मौके पर सनातन धर्म को मानने वाले लोग खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रखते हैं. धार्मिक मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणें अमृत बरसाती हैं. पंडित कल्कि राम के अनुसार शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ कुछ विशेष उपाय भी किए जा सकते हैं. इन उपायों से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है.
ज्योतिषाचार्य के अनुसार शरद पूर्णिमा की शाम घर के पूजा स्थल पर घी का दीपक जलाना चाहिए. विशेष रूप से माता लक्ष्मी की तस्वीर के सामने दीपक प्रज्वलित करना शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता लक्ष्मी की ऐसी तस्वीर रखनी चाहिए, जिसमें वह कमल के पुष्प पर विराजमान हों. इसके बाद मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करनी चाहिए. माता लक्ष्मी की पूजा के दौरान उनके मंत्रों का जाप करना भी शुभ होता है. भक्त श्रद्धापूर्वक मां लक्ष्मी के बीज मंत्र का जाप कर सकते हैं. इससे मन को शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
दीपावली तक करें पूजा
पंडित कल्कि राम बताते हैं कि शरद पूर्णिमा से लेकर दीपावली तक माता लक्ष्मी की नियमित पूजा-अर्चना करना भी विशेष फलदायी होता है. इस दौरान घर की साफ-सफाई, पूजा स्थल की स्वच्छता और नियमित दीप प्रज्वलन का विशेष ध्यान रखना चाहिए. श्रद्धा और भक्ति के साथ मां लक्ष्मी की आराधना करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहता है.
Disclaimer : जानकारी केवल प्रचलित मान्यताओं, मीडिया रिपोर्ट्स या सार्वजनिक बयानों पर आधारित होना।



















