राशन दुकानों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग कतार, छाया, पानी और बैठने की व्यवस्था की मांग
रायपुर- छत्तीसगढ़ की राशन दुकानों में पुरानी ई-पॉश मशीनों पर फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने से बड़ी संख्या में पेंशनर्स वरिष्ठ नागरिकों को राशन प्राप्त करने में परेशानी हो रही है। 70 से 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को तकनीकी खामियों के कारण राशन के लिए भटकना पड़ रहा है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष एवं वरिष्ठ नागरिक परिसंघ छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रदेश संयोजक वीरेन्द्र नामदेव ने शासन और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि राशन दुकानों में बुजुर्गों के लिए अलग कतार, छाया, पेयजल और बैठने की व्यवस्था का अभाव उनकी परेशानी बढ़ा रहा है। उम्र के कारण फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने पर उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। तकनीकी खामी के कारण किसी पात्र वरिष्ठ नागरिक को उसके खाद्यान्न से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
महासंघ ने शासन से मांग की है कि पुरानी ई-पॉश मशीनों को आधुनिक मशीनों से बदला जाए तथा फिंगरप्रिंट विफल होने पर आईरिस स्कैन, ओटीपी या अन्य मान्य वैकल्पिक प्रमाणीकरण की सुविधा तत्काल उपलब्ध कराई जाए। प्रत्येक राशन दुकान में वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्राथमिकता से राशन वितरण, अलग कतार, छाया, पेयजल और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
वीरेन्द्र नामदेव ने कलेक्टरों और खाद्य विभाग के अधिकारियों से राशन दुकानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार कराने तथा लापरवाही पर जवाबदेही तय करने का आग्रह किया है। उन्होंने राज्य शासन से स्पष्ट निर्देश जारी कर प्रदेशव्यापी व्यवस्था लागू करने की मांग करते हुए कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को राशन के लिए अपमानजनक परिस्थितियों में खड़ा रखना संवेदनहीनता है। शासन की प्राथमिकता बुजुर्गों को परेशानी से बचाना और उन्हें सम्मानपूर्वक खाद्यान्न उपलब्ध कराना होना चाहिए।



















