हिसार। गुरुग्राम-नूंह में निजी कंपनी को लाइसेंस देने के विरोध में सरकार व बिजली निगम की साझा मोर्चा के बीच खींचतान जारी है। आलम यह है कि हिसार सर्कल में 24 घंटे से 355 क्षेत्र ब्लैकआउट रहे।
जबकि 2100 शिकायतें कंट्रोल रूम में पहुंची, जिनमें से मात्र 5 का ही निदान हो सका। आजाद नगर में रात 10 बजे प्रदर्शन हुआ। वीरवार सुबह 6 बजे से लेकर शाम छह बजे तक 97 प्रतिशत स्टाफ हड़ताल पर रहा।
वीरवार सुबह 8 बजे से ही विद्युत सदन के गेट नंबर-4, राजगढ़ रोड स्थित एसई कार्यालय में 450 से अधिक इंजीनियर्स व कर्मचारी एकत्रित हुए। जिन्होंने गुरुग्राम-नूंह में निजी कंपनी को लाईसेंस देने के विरोध में नारेबाजी की।
जिनमें एसई, एक्सईएन, एसडीओ व जेई सहित अन्य शामिल रहे। हरियाणा बिजली कर्मचारी व इंजीनियर्स साझा संघर्ष मोर्चा के सदस्य इंजीनियर्स बलजीत बैनीवाल, महासचिव रविंद्र घनघस, सलाऊद्दीन, प्रदीप लौरा, विकास नेहरा, एचवीपीएनएल से जसवंत ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने लाईसेंस को कैंसिल नहीं किया तो वे 24 अक्टूबर को मीटिंग कर हड़ताल आगे बढ़ा देंगे।
मूलभूत सुविधा को बाधित करना कानूनी जुर्म
अलका अधिवक्ता अलका ने बताया कि मूलभूत सुविधा को बाधित करना भी कानून की दृष्टि से जुर्म है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के कर्मचारी आचरण नियमावली, 2006 का विनियम 25 मुख्य रूप से प्रदर्शनों और हड़तालों से संबंधित है। सेक्शन 4 क के तहत सरकार अपनी शक्ति का प्रयोग कर हड़ताल को खत्म करवा सकती है।
साथ ही सेक्शन 51 क के तहत कोई भी उपरोक्त निगम का अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकता है। अगर कोई हड़ताल करता है और दूसरों को भी हड़ताल के लिए उकसाता है तो उसे तीन साल तक की सजा हो सकती है।
लोगों ने लगाया जाम
सेक्टर- 13 स्थित सब स्टेशन के बाहर वीरवार देर शाम सेक्टरवासियों ने जाम लगा दिया। सेक्टरवासी जगदीश ने बताया कि वीरवार दोपहर 12 बजे से लेकर देर शाम साढ़े आठ बजे बिजली सप्लाई ठप रही।
जिस कारण सेक्टर 13 व पार्ट-2 और सेक्टर 16-17 में रहने वाले पांच हजार लोगों को बिजली संकट से जूझना पड़ा। फोन करने के बावजूद बिजली अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया।
आक्रोशित सेक्टरवासी देर शाम साढ़े आठ बजे सेक्टर 33 सब-स्टेशन के बाहर जमा हो गए। सरकार व बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
मामला बिगड़ता देख सिटीएम मौके पर पहुंचे। सब स्टेशन के अंदर सुरक्षा बढ़ा दी। सेक्टरवासियों ने चेतावनी दी कि जल्द लाइट नहीं आई तो सेक्टर 16-17 के मुख्य मार्ग को जाम कर देंगे। बाद में लाइट बहाल कर दी गई।
कुंडी लगाकर कंट्रोल रूम को किया जगमग
कंट्रोल रूम में अंधेरा छाने के कारण डायरेक्टर ने वैकल्पिक व्यवस्था करने के आदेश दिए। जिसके बाद ठेकेदार के कर्मचारी कंट्रोल रूम पहुंचे और कुंडी लगाने के लिए जुगाड़ सिस्टम करने लगे।
दो घंटे की मशक्कत के बाद कंट्रोल रूम को जगमग किया जा सका। जिसके बाद कंप्यूटर से कनेक्शन जोड़कर रिपोर्ट भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। निदेशक को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विद्युत सदन में मंगवाया जनरेटर लेकिन चलाने वाला कोई नहीं मिला विद्युत सदन में कुछ कार्यालय को जगमग करने के लिए जनरेटर मंगवाया गया। लेकिन वह दिनभर परिसर में खड़ा रहा।
क्योंकि उसको चलाने के लिए कोई कर्मचारी तक नहीं मिला। जिस कारण उपरोक्त सुविधा का कोई भी लाभ नहीं मिल सका। समस्त ड्यूटी पर तैनात नाममात्र अधिकारी मुंह तांकते नजर आए।



















