अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल को निशाना बनाने की योजना सामने आई है। रॉयटर्स के अनुसार, दो वरिष्ठ ईरानी सुरक्षा अधिकारियों ने दावा किया है कि ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में संचार केबल को निशाना बनाने की योजना तैयार की है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य के नीचे मौजूद सात प्रमुख इंटरनेट केबल को निशाना बनाने की संभावना जताई है। अगर केबल को नुकसान पहुंचता है, तो इंटरनेट की स्पीड़, ऑनलाइन कारोबार, वित्तीय लेनदेन और क्लाउड सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी, ‘समझौता करो या एक और हमले के लिए तैयार रहो’
तनाव के बीच पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में एक चुनावी जनसभा के दौरान ईरान को सीधा अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि अगर तेहरान कूटनीतिक रास्ते से समझौते के लिए तैयार नहीं होता, तो वाशिंगटन उस पर एक और सीमित सैन्य स्ट्राइक कर सकता है। उन्होंने कहा कि हम ‘एपिक फ्यूरी’ जैसा एक और छोटा सैन्य अभियान चला सकते हैं या फिर वे समझौते पर दस्तखत करेंगे।” उन्होंने ईरानी नेतृत्व की समझदारी पर सवाल उठाते हुए संकेत दिया कि अगर बातचीत नाकाम रही, तो अमेरिका ताकत का इस्तेमाल करने से बिल्कुल पीछे नहीं हटेगा।
ईरान का पलटवार, समंदर के नीचे इंटरनेट केबल काटने की योजना
अमेरिका के कड़े तेवरों के जवाब में ईरान ने भी एक अभूतपूर्व रणनीति तैयार की है। सूत्रों और ईरानी सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, यदि ईरान के बुनियादी ढांचे या सैन्य ठिकानों पर हमला हुआ, तो वह में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स को नष्ट कर देगा। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के वरिष्ठ अधिकारी यदोल्लाह जावानी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के नीचे से गुजरने वाली सात प्रमुख इंटरनेट केबल्स ईरान की पहुंच में हैं। यदि युद्ध छिड़ता है, तो ईरान इन्हें पूरी तरह तबाह कर सकता है।
इंटरनेट केबल कटी तो क्या होगा असर?
दुनियाभर का लगभग 99 प्रतिशत इंटरनेट डेटा समंदर के नीचे बिछे इन्हीं केबल्स नेटवर्क से गुजरता है। हालांकि, होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक डेटा का एक छोटा हिस्सा ही जाता है, फिर भी इन केबल्स के कटने से-
- ग्लोबल इंटरनेट की रफ्तार धीमी हो सकती है।
- अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेनदेन (Financial Transactions) और बैंकिंग सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं।
- क्लाउड सर्विसेज और ऑनलाइन बिजनेस पर बड़ा असर पड़ सकता है।
- युद्ध के माहौल में बीमा और अनुमति संबंधी समस्याओं के कारण इन केबल्स की मरम्मत में हफ्तों का समय लग सकता है।



















