नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 12 साल पूरे होने पर इसे एक तीर्थ यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि इस मंच ने उन्हें देश भर के आम लोगों के कठिन परिश्रम, साहस, समर्पण और सेवा भावना को करीब से समझने और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने का शानदार अवसर दिया है।

कार्यक्रम के 139वें एपिसोड को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि मन की बात की शुरुआत 12 साल पहले विजयादशमी के पावन अवसर पर हुई थी और तब से यह यात्रा बिना रुके लगातार जारी है।

उन्होंने इस सफर में सहयात्री और मार्गदर्शक बनने के लिए देश के सभी श्रोताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जैसे हमारे देश में सदियों से तीर्थ यात्राओं की परंपरा रही है, वैसे ही उनके लिए यह कार्यक्रम देशवासियों के प्रयासों को नमन करने की एक पवित्र यात्रा जैसा है।

दिवाली और छठ से पहले स्वच्छता बनाए रखने की अपील

आगामी त्योहारों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से अपने आसपास और रिहायशी इलाकों में साफ-सफाई बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दिवाली और छठ जैसे पवित्र पर्व अब कुछ ही दिन दूर हैं और जगह-जगह सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं। देशवासियों से आगामी दिवाली पर स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पाद खरीदने और ‘वोकल फॉर लोकल’ को मजबूत करने की अपील की।

पीएम मोदी ने भारत की प्रकृति-पूजा की प्राचीन परंपरा को रेखांकित करते हुए कहा कि अपने परिवेश को स्वच्छ रखना और जल स्रोतों की देखभाल करना हमारे पूर्वजों द्वारा सौंपी गई एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नागरिकों के छोटे-छोटे प्रयास मिलकर समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

उन्होंने बताया कि भारत के स्थानीय उत्पादों की मांग अब विदेशों में भी बढ़ रही है, जैसे बिहार का मखाना, कर्नाटक की अरहर दाल और महाराष्ट्र के जनजातीय उत्पाद। इसके साथ ही खादी की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ रही है।

उत्तराखंड में हेवल नदी के पुनरुद्धार की सराहना

पीएम मोदी ने पंजाब के मालवा क्षेत्र में रासायनिक रंगों के बिना प्राकृतिक कपास उगाने की नव-त्रिंजन पहल और उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में ग्रामीणों द्वारा हेवल नदी को पुनर्जीवित करने के सामूहिक प्रयासों की भी सराहना की।

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा हेवल नदी को पुनर्जीवित करने के प्रयासों की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने इसे प्रकृति के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का एक बेहतरीन उदाहरण बताया।

पीएम मोदी ने बताया कि कुछ समय पहले हेवल नदी का जलस्तर काफी गिर गया था और आसपास के प्राकृतिक जल स्रोत सूखने लगे थे। इसके बाद स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर नदी को बचाने के लिए एक साझा मुहिम शुरू की।

वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के जरिए न सिर्फ हेवल नदी में नया जीवन लौटा, बल्कि दर्जनों प्राकृतिक जल स्रोत भी फिर से जीवित हो गए। उन्होंने कहा कि जब समाज किसी नेक काम के लिए एकजुट होता है, तो सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित हो जाता है।

Advertisement Carousel
Share.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031