शिवानी अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके एक फैसले ने तीन लोगों को नई जिंदगी दे दी.
अंगदान को लेकर आज भी देश में जागरुकता का अभाव है. मरे हुए परिजनों के अंगों का भी दान करने से लोग हिचकते हैं. ऐसे में मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम की शिवानी जी समाज के लिए एक प्रेरणा हैं. वह एक हादसे में बुरी तरह जख्मी हुई थीं और ब्रेन डेड हो गई थीं. अंत में उनके परिजनों ने उनके अंगों के दान का फैसला लिया था और इस तरह जाते-जाते शिवानी 3 लोगों को नई जिंदगी दे गई थीं. PM मोदी ने शिवानी की अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में तारीफ की है. उन्होंने कहा कि हम सभी लोग शिवानी जी से प्रेरणा ले सकते हैं. आइए जानते हैं, कौन थीं शिवानी..
परिवार ने एक प्रेरणादायक फैसला लिया : PM मोदी
PM मोदी ने कहा कि शिवानी एक सड़क हादसे का शिकार हो गई थीं. उनके परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा था. लेकिन इस कठिन समय में भी परिवार ने एक प्रेरणादायक फैसला लिया. उन्होंने शिवानी के अंगदान का निर्णय लिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि शिवानी के परिवार के इस फैसले ने पूरे समाज और देश को एक बड़ा संदेश दिया है. मानवता की दिशा में उठाया गया एक छोटा कदम किसी दूसरे परिवार की खुशियां लौटा सकता है और अनुसंधान के कार्यों में भी बड़ी मदद कर सकता है.
राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
शिवानी एक भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गईं, जिसके बाद एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने उन्हें ‘ब्रेन-डेड’ घोषित कर दिया. गहरे दुख के बावजूद, उनके परिवार ने साहस और महानता दिखाते हुए उनके अंग दान करने का फैसला लिया. उनके लिवर और दोनों गुर्दों को सफलतापूर्वक निकालकर प्रत्यारोपित किया गया, जिससे तीन लोगों को नया जीवन मिला. उनके इस योगदान की सराहना भी की गई, क्योंकि इससे महत्वपूर्ण चिकित्सा अनुसंधान को आगे बढ़ाने में मदद मिली. शिवानी को राजकीय सम्मान (गार्ड ऑफ ऑनर) के साथ अंतिम विदाई दी गई.
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के खापा खुर्द गांव की रहने वाली शिवानी जी (जिन्हें बिलास तांती शर्मा के नाम से भी जाना जाता है) एक दुखद सड़क दुर्घटना के बाद मानवता की एक बड़ी मिसाल बन गईं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड में, उनके और उनके परिवार के प्रेरणादायक निस्वार्थ भाव के लिए उन्हें सम्मानित किया.



















