मसूरी : मसूरी में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का निर्माण कार्य सवालों के घेरे में आ गया है। बड़ी मूर्ति से पिक्चर पैलेस तक सड़क किनारे रेलिंग लगाने का काम चल रहा है। हैरानी यह है कि जिन स्थानों पर रेलिंग लगाई जा रही है, वहां लोक निर्माण विभाग पहले से ही क्रैश बैरियर लगा चुका है। इसके बावजूद पुराने बैरियर से महज आधा फीट की दूरी पर नई रेलिंग लगाई जा रही है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि जब सुरक्षा के इंतजाम पहले से मौजूद हैं तो दोबारा निर्माण कर सरकारी बजट खर्च करने की जरूरत क्यों पड़ी?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे काम में जरूरत और प्राथमिकता का ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि मसूरी में कई ऐसे संवेदनशील स्थान हैं, जहां सड़क किनारे रेलिंग नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। लेकिन वहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के बजाय पहले से क्रॉस बैरियर लगे स्थानों पर ही नया निर्माण कराया जा रहा है। लोगों के मुताबिक यह सरकारी धन के उपयोग की योजना और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
300 मीटर का प्रस्ताव बढ़कर दो किलोमीटर कैसे हुआ?
स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता गौरव गुप्ता ने बताया कि उनके क्षेत्र में कुछ महीने पहले रेलिंग नहीं होने के कारण एक कार नीचे गिर गई थी। इसके बाद उन्होंने संबंधित स्थान पर सुरक्षा रेलिंग लगाने का प्रस्ताव दिया था। उनका कहना है कि शुरुआत में करीब 300 मीटर रेलिंग लगाने की बात थी, लेकिन बाद में प्रस्ताव बढ़ाकर लगभग दो किलोमीटर कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रस्ताव की लंबाई बढ़ाने के पीछे क्या तकनीकी आधार था और क्या अधिकारियों ने पूरे मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा की वास्तविक जरूरत का आकलन किया?



















