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खरसिया। पुसल्दा घाट की लीज़ लेकर बरभौना पुलिया की दोनों दिशाओं में पोकलैंड एवं जेसीबी के माध्यम से दिन-रात नदी का सीना छलनी किया जा रहा है। यह क्रम लंबे समय से चल रहा है, परंतु जवाबदार अधिकारियों को बार बार सूचित करने पर भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही।अपनी सीमा रेखा से काफी दूर-दूर तक, वह भी मशीनों ने रेत का उत्खनन यह दोनों बातें अवैधानिक हैं। वहीं दिन रात मशीनों के ही रेत निकाली जा रही है। साथ ही अवैध रूप से भंडारण भी किया जा रहा है। भंडार की गई रेत 200 से 300 रुपए प्रति ट्रैक्टर बिक्री की जाती है। वहीं लोडिंग के लिए जेसीबी का उपयोग कर हाईवा गाड़ियों से सप्लाई भी की जाती है। ऐसा नहीं कि जवाबदार अधिकारियों को यह सब मालूम ही ना हो, वरन् कई बार शिकायत करने पर भी किसी प्रकार के कार्रवाई ना होना संदेह की स्थिति निर्मित करता है।
00 बेरोकटोक दौड़ती हैं गाड़ियां
रेत से भरी गाड़ियां यूं तो जिन रास्तों से होकर गुजरती हैं, इस बीच उन्हें चेक पोस्ट तथा थाना एवं चौकियों का सामना भी करना पड़ता है। वहीं सूत्रों की मानें तो यहां सभी वाहन चालक क्षेत्र के कद्दावर नेता का हवाला देकर बेधड़क आगे बढ़ जाते हैं। शिकायत कर रहे अन्य जागरूक ग्रामीणों को भी लीज़ होने तथा नेता के संरक्षण का खौफ दिखाकर मूक कर दिया जाता है।
00 अधिकारी कर रहे टालमटोल
बरसात के दिनों में नदियों से रेत के उत्खनन पर प्रतिबंध होता है, बावजूद यह कार्य निर्बाध रूप से चल रहा है। माइनिंग इंस्पेक्टर उमेश भार्गव ने बताया कि 10 जून से ही राज्य के सभी रेत घाटों में कार्य रोक दिया गया है। हालांकि जब जिला खनिज उपसंचालक भूपेंद्र पांडे से बात की गई तो उन्होंने कहा कि 15 जून के बाद उत्खनन पर रोक लगाई जाती है, वहीं अभी तक आदेश प्राप्त नहीं हो पाया है। धर्मजयगढ़ एसडीएम संबित मिश्रा ने अवैध उत्खनन तथा भंडारण को चेक करवाने की बातें कही गई हैं, वहीं खरसिया ब्लॉक में भी ठेकेदार ने उत्खनन किया जा रहा है। ऐसे में कुछ अन्य अधिकारियों से भी बात की गई, परंतु कोई जवाब ना होने के कारण उन्होंने फोन ही रिसीव नहीं किया।

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