असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने ईद-उल-अजहा के मौके पर एक संशोधित निर्देश जारी किया है. ये निर्देश ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए लागू रहेंगे. जानकारी के मुताबिक, निर्देश 20 जुलाई की सुबह 5 बजे से अगले आदेश तक लागू रहेंगे. निर्देश के मुताबिक, ईद-उल-अजहा संबंधित त्योहार सभी लोग अपने-अपने घरों से ही मनाएं. धार्मिक प्रमुख सहित केवल 5 व्यक्तियों को मस्जिद में नमाज अदा करने की अनुमति है. वहीं विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने ईद-उल-अजहा के पर्व पर कोविड संबंधी पाबंदियों में छूट देने के केरल सरकार के निर्णय का विरोध किया और कहा कि यह जन स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती पेश करेगा. ईद-उल-अजहा का पर्व 21 जुलाई को मनाया जाएगा. विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि उत्तराखंड सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर आने की आशंका के चलते हाल ही में वार्षिक कांवड़ यात्रा रद्द कर दी है. उत्तर प्रदेश सरकार ने भी कई पाबंदियों के साथ कांवड़ यात्रा को मंजूरी देने का निर्णय किया था लेकिन इस मामले में उच्चतम न्यायालय के स्वत: संज्ञान लेने पर राज्य सरकार ने भी कांवड़ यात्रा रद्द कर दी है. उन्होंने कहा कि केरल सरकार का निर्णय जन स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती पेश करेगा और महामारी के खिलाफ देश की लड़ाई को कमजोर करेगा.
राजस्थान में भी धार्मिक आयोजनों पर नई गाइडलाइंस
धार्मिक आयोजनों को लेकर राजस्थान गृह विभाग ने भी शुक्रवार को नई गाइडलाइंस जारी की हैं. धार्मिक कार्यक्रमों पर यह रोक 17 जुलाई से लागू हो गई है. इस रोक के तहत राज्य में लगने वाले मेलों के आयोजन पर भी फिलहाल प्रतिबंध लगा दिया गया है. नई गाइडलाइन के मुताबिक, हर धर्म के उन धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक रहेगी, जिसमें भीड़ जुटती है. इसी के तहत अब जैन धर्म के चातुर्मास के दौरान भी भीड़भाड़ वाले धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है. इस आयोजन में सम्मिलित होने के लिए विश्वभर से श्रद्धालु आते हैं. वर्तमान में कोरोना की परिस्थितियों के मद्देनजर अत्यधिक भीड़-भाड़ की संभावना को देखते हुए किसी भी सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थान पर भीड़-भाड़ वाले आयोजन करने की अनुमति नहीं होगी.
एक बार में 5 लोगों को ही मस्जिद में नमाज अदा करने की इजाजत, सरकार का ईद-उल-अजहा के मौके पर नया आदेश
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