जांजगीर-चांपा। डेंगू एक वायरस से होने वाली बीमारी का नाम है, जो एडीज नामक मच्छर की प्रजाति के काटने से होता है। इस मच्छर के काटने पर विषाणु तेजी से मरीज के शरीर में अपना असर दिखाने लगता है। जिसके कारण तेज बुखार और सर दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते है। इसे हड्डी तोड़ “बुखार” या ब्रेक बोन बुखार भी कहा जाता है। डेंगू का उपचार संभव है। डेंगू से बचने के लिए स्वयं को मच्छरों से बचाना बहुत जरूरी है। डेंगू जांच की सुविधा सभी शासकीय अस्पतालों एवं निजी अस्पतालों में उपलब्ध है।लक्षण – डॉक्टरों ने डेंगू के प्रारंभिक लक्षण के बारे में बताया कि – तेज ठंड के साथ बुखार आना, कमर, मांसपेशियों, जोड़ों और सिर में तेज दर्द होना, हल्की खाँसी, गले में दर्द और खराश का होना, शरीर पर लाल-लाल दाने(रैश) दिखाई देता है, थकावट, भूख न लगना और कमजोरी होना, उलटी और दर्द होना डेंगू के लक्षण हैं। संचालक महामारी नियंत्रण छत्तीसगढ़ डॉ. सुभाष मिश्रा ने डेंगू के संबंध में बताया कि यह बीमारी एडिस मच्छर के काटने से होता है, अतः मच्छरों से बचाव जरूरी है। आस-पास साफ सफाई रखें, पानी जमा नहीं होने दे। प्रारंभिक लक्षण होने पर डेंगू का तत्काल जांच करवाएं। सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में नि:शुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है। डेंगू जांच के लिए एंटीजन टेस्ट किया जाता है एवं एलिजा टेस्ट से पुष्टि होती है। डॉ मिश्रा ने कहा कि गर्भवती महिलाए, छोटे बच्चे, वृद्ध, डायबिटीज एवं ब्लड प्रेशर के मरीजों का उपचार डॉक्टर की निगरानी में किया जाता है। प्रारंभिक स्तर पर उपचार करने से 5 दिन में ही ठीक हो जाता है। डेंगू नियंत्रण के लिए आसपास की सफाई और जनजागरूकता जरूरी है। जन सहयोग से इस बीमारी से बचा जा सकता है।कान नाक गला रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश अग्रवाल ने बताया कि थोड़ी सावधानी करके डेंगू से बचा जा सकता है। सामान्य लक्षण होने पर नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में डेंगू की जांच करवा सकते हैं। सभी शासकीय अस्पतालों में जांच की सुविधा उपलब्ध है। डेंगू से बचाव के लिए घरों में और आसपास में सफाई पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। घर के गमलों, कूलर आदि में पानी का जमाव नहीं होना चाहिए। इससे एडीज मच्छर के लारवा के कारण मच्छर पनपते हैं। डेंगू की पहचान होने पर चिंता या परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या योग्य चिकित्सक से उपचार कर डेंगू के गंभीर परिणाम परिणामों से बचा जा सकता है।इंडियन मेडिकल एसोसिएशन रायपुर के अध्यक्ष डॉ विकास अग्रवाल ने डेंगू के उपचार के संबंध में बताया कि डेंगू के प्रारंभिक लक्षण होने पर तत्काल जांच करवाएं। डेंगू होने की स्थिति में योग्य चिकित्सक से उपचार करवाना चाहिए। डेंगू के प्रारंभिक लक्षणों में बुखार, हाथ पैर में दर्द के अलावा शरीर में खुजली या छोटे छोटे दाने भी दिखते हैं। योग्य चिकित्सक की निगरानी में पूरा उपचार करवाएं। उपचार के दौरान पौष्टिक भोजन लेते रहें और पानी ज्यादा से ज्यादा पिएं। घर में या आसपास जहां पानी का जमाव है, वहां मिट्टी तेल डालकर एडिस मच्छर के लारवा को खत्म किया जा सकता है। जिससे मच्छरों की संख्या नियंत्रित रहेगी।
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