हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का बहुत ही महत्व होता है. पितृ पक्ष हर साल आता है. पंचांग के अनुसार, पितृ पक्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से शुरू होता है. और आश्विन मास की अमावस्या को समाप्त होता है. इस साल का पितृ पक्ष आज 20 सितंबर 2021 दिन सोमवार से शुरू हो गया है. यह पितृ पक्ष 6 अक्टूबर को समाप्त होगा. पूरे 16 दिन चलने वाले इस पितृ पक्ष में हिंदू लोग अपने पितरों की आत्मा की तृप्ति के लिए पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं. इसके साथ ही इस महत्वपूर्ण पितृ पक्ष में पितरों के श्राद्ध वाले दिन कौआ को भी भोजन कराया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भोजन कौवों के माध्यम से पितरों तक पहुंच जाता है.यह भी कहा जाता है कि इस दिन पितर कौवे के रूप में पृथ्वी पर आते हैं.
पितृ पक्ष में कौवों को भोजन कराने का महत्व
पौराणिक कथा के अनुसार, त्रेतायुग में भगवान श्रीराम जब मनुष्य के रुप में अवतार लिया था उस समय इंद्र के पुत्र जयंत ने कौवे का रूप धारण कर पृथ्वी पर आये थे. तब जयंत ने कौवे का रूप धारण कर माता सीता के पैर में चोंच मारी थी. तब भगवान श्रीराम ने तिनके का बाण चलाकर जयंत की एक आंख फोड़ दी थी. जब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ था. तब जयंत ने अपनी गलती के लिए भगवान से क्षमा मांगी. तब प्रभु श्रीराम ने उसे यह वरदान दिया कि, पितृ पक्ष के दौरान तुम्हें अर्पित किया गया भोजन पितरों को मिलेगा. तभी से श्राद्ध में कौआ को भोजन कराने की परंपरा चली आ रही है.यही कारण है कि श्राद्ध में कौवों को सबसे पहले भोजन कराया जाता है. कहा जाता है कि श्राद्ध में कौवों को सबसे पहले भोजन न कराने से श्राद्ध का फल और पुण्य नहीं प्राप्त होता है और ना ही हमारे पितर ही तृप्त होते हैं.
पितृ पक्ष प्रारंभ, श्राद्ध में कौवों को भोजन क्यों करवाते हैं, जानें ये रहस्य
Previous Articleवनांचल के लोगों को सुविधा शिविर में मिल रही बड़ी राहत
Next Article तुलसीराम को हो रही 6 लाख की सालाना कमाई
Related Posts
Add A Comment
chhattisgarhrajya.com
ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
Important Page
© 2025 Chhattisgarhrajya.com. All Rights Reserved.



















