रायपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 5 अक्टूबर 21 को पहली बार रायपुर छत्तीसगढ़ आगमन पर भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश का प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रीय महामंत्री वीरेन्द्र नामदेव के नेतृत्व में हॉटल बेबीलोन में उनसे प्रत्यक्ष भेंट कर छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेल की शाखा स्थापना की स्वीकृति देने पर आभार प्रगट कर धन्यवाद दिएऔर मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम के धारा 49 को विलोपित कर दोनों राज्यों के बीच हस्तक्षेप कर 20 वर्षो से लंबित पेंशनरों के आर्थिक दायित्व के बंटवारा करने की मांग कर त्वरित कार्यवाही हेतु ज्ञापन देकर चर्चा किये। प्रतिनिधि मंडल में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री व छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेन्शनर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष जयप्रकाश मिश्रा, प्रदेश महामंत्री लोचन पाण्डे, एवं प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती उर्मिला शुक्ला शामिल रहे। इस दौरान केंद्रीय वित्तमंत्री के पूर्वी डॉ रमनसिंह,नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल आदि भी उपस्थित थे। प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री को अवगत कराया कि विगत 20 वर्षो से छत्तीसगढ़ के पेंशनर्स राज्य बटवारे का दंश झेल रहे हैं। अबतक पेंशनरो के नोडल स्टेट बैंक आफ इंडिया सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेल (सीपीपीसी)का मध्यप्रदेश भोपाल में होने के कारण छत्तीसगढ़ के पेन्शनर कम से कम 6 माह तक पेंशन प्रकरण निराकरण का बाट जोहते रहें है।अब जाकर सी पी पी सी की पूर्ण शाखा रायपुर में स्थापित करने की स्वीकृति देकर पेंशनर्स की एक बढ़ी मांग केंद्र सरकार ने पूरी कर दी है, जिसकी 7 अक्टूबर को स्टेट बैंक कचहरी ब्रांच रायपुर के ऊपरी तल में शुरुआत होने की खबर से बड़ी राहत मिली है और उम्मीद बनी है कि समय से पेंशन प्रकरणों पर अब शीघ्रता से निर्णय होगा। इसके लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन से प्रारम्भ हुए सेवा एवं समर्पण अभियान के तहत केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 5 अक्टूबर को पहली बार रायपुर आगमन पर उनसे प्रत्यक्ष भेंट कर पेंशनरों के प्रतिनिधि मंडल द्वारा उनका स्वागत कर आभार प्रगट किया गया प्रतिनिधि मंडल ने उन्हें प्रत्यक्ष भेंट में बताया कि मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 के धारा 49 के छटवीं अनुसूची के प्रावधानों को विलोपित करने में दोनों राज्य सरकारों द्वारा रुचि नही लेने के कारण दोनों ही राज्यों के पेंशनरों को केन्द्र सरकार के समान महंगाई राहत भत्ता या अन्य आर्थिक भुगतान के मामलों को लेकर दोनों ही सरकार की आपसी सहमति का इंतजार करना मजबूरी बना हुआ है। इसीलिए हाल ही में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा 4 सितम्बर को किये गये कर्मचारियों एवं पेंशनरो को जुलाई 19 का लंबित 5त्न प्रतिशत महंगाई राहत भत्ता जुलाई 21 से देने के घोषणा के लगभग 1माह के बाद भी छत्तीसगढ़ के पेन्शनर इस आर्थिक लाभ से वंचित है, जबकि इसी घोषणा के फलस्वरूप राज्य शासन के कर्मचारियों को इसे देने के आदेश 17 सितम्बर को जारी होने के बाद वे भुगतान भी प्राप्त कर चुके है। पेंशनरों के इस व्यथा से केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को अवगत कराकर केन्द्र सरकार से हस्तक्षेप करने हेतु मांगपत्र दिए और पेंशनरो के हित में इस पर केन्द्र सरकार हस्तक्षेप कर दोनों राज्य सरकारों को जरूरी निर्देश देकर पेंशनर्स की इस जटिल समस्या का निदान करने की मांग की। उनसे यह भी मांग किया गया कि केन्द्र सरकार के समान के पेंशनरों को भी पूरा 28 प्रतिशत महंगाई राहत भत्ता देने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को सलाह दे और जरूरत हो तो वित्तीय मदद देकर पेंशनरों की मदद करें।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिले पेंशनर प्रतिनिधि मंडल
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