विकासखंड भैयाथान व ओड़गी के किसानों के फसल चौपट होने के बाद सरकार द्वारा राहत के रूप में दी जाने वाली प्रधानमंत्री फसल बीमा की राशि को किसानों के अनुपस्थिति में उनके खाते से फर्जी तरीके से आहरण कर ली गई है। अब उस राशि को पाने के लिए किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं जांच के नाम पर उन्हें कभी कोई बयान के लिए कहीं बुला लेता है तो कोई आवेदन के लिए कहीं और बुलाता है अब तो किसानों को एक ही चिंता सता रही है कि आखिर उनकी राशि कैसे मिलेगी?
गौरतलब हो कि जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित शाखा भैयाथान से विकासखंड ओड़गी व भैयाथान के किसानों की फसल बीमा की राशि सन 2018,19 व 2019,20 की राशि उनके बैंक खाते में आई थी जिसे किसानों के अनुपस्थिति में बैंक से निकाल ली गई। जिसकी शिकायत कलेक्टर से 20 सितंबर को किसान नेता सुनील साहू के नेतृत्व में किया गया जिस पर कलेक्टर ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित की।उक्त जांच दल ने कुछ किसानों का बयान भी गांव में जाकर लिया।जिसके बाद शाखा प्रबंधक सहित अन्य चार बैंक कर्मियों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर ली गई है।कलेक्टर ने संभाग अंबिकापुर के सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक के सीईओ को हेल्प डेस्क लगाने हेतु निर्देशित किया।बैंक के संभाग सीईओ के आदेश पर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति भैयाथान में 4 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक किसानों से आवेदन लेने हेतु हेल्प डेक्स लगाया गया था। इन 6 दिनों में लगभग 70 आवेदन पत्र ही किसान जमा कर पाए है। किसानों की माने तो इस हेल्पडेस्क कार्यक्रम का जानकारी बहुत कम किसानों को मिला क्योंकि प्रचार-प्रसार के नाम पर महज समितियों के सामने नोटिस चस्पा कर इतिश्री कर लिया गया। इसके अलावा प्रचार-प्रसार के किसी अन्य संसाधनों का उपयोग नहीं किया गया। यही कारण है कि दूरस्थ क्षेत्रों के किसान आवेदन जमा नहीं कर सके। अगर किसानों की मानें तो उन्हें हेल्पडेस्क से समस्या का समाधान कम परेशान ज्यादा होना पड़ा क्योंकि हेल्प डेस्क में आवेदन के साथ खाते का स्टेटमेंट लगाना अनिवार्य था स्टेटमेंट के बिना आवेदन नहीं लिया जाता था।किसानों का आरोप है कि बैंक द्वारा एक दिन में स्टेटमेंट नही दिया जाता है।
ओडगी के किसान हुए परेशान
विकासखंड ओडगी के किसान हेल्प डेस्क में आवेदन जमा करने के लिए स्टेटमेंट लेने हेतु बैंक शाखा भैयाथान व नवीन बैंक शाखा ओड़गी का चक्कर लगाते रहे लेकिन उन्हें अपने ही खाते का स्टेटमेंट नसीब नहीं हुआ जिसके कारण वहां के किसान आवेदन नहीं लगा सके। किसानों की मानें तो स्टेटमेंट हेतु बैंक शाखा भैयाथान आते थे जहां उन्हें नवीन बैंक शाखा ओड़गी भेज दिया जाता था आखिर अन्त तक उन किसानों को स्टेटमेंट नहीं मिल पाया जिसके कारण काफी किसान आवेदन नहीं लगा पाए।
नौ दिन चले ढाई कोस
यह कहावत उस समय चरितार्थ हो गई जब फसल बीमा की राशि फर्जी तरीके से आहरण करने की शिकायत सिरसी के ग्रामीणों द्वारा अनुविभागीय अधिकारी व थाना में 6 माह पूर्व शिकायत की थी लेकिन शिकायत महज खानापूर्ति साबित हुई ।उस शिकायत की ना तो जांच रिपोर्ट आया और ना ही अभी तक किसी प्रकार की कोई ठोस कार्रवाई उस शिकायत में हुई है। बैंक प्रबंधक हो या बैंक कर्मी उनके ऊपर कार्रवाई की बात करें तो वह हाल ही में कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन के बाद कार्रवाई हुई है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि 6 माह पूर्व की गई शिकायत की सिर्फ खानापूर्ति ही साबित हुई और उस शिकायत को जांच करने की बजाएं फाइलों में ही दबा दी गई है।
किसान नेता ने लगाया आरोप
इस संबंध में किसान नेता सुनील साहू ने आरोप लगाया है कि हेल्प डेस्क महज खानापूर्ति है क्योंकि किसी भी ग्राम में मुनादी नहीं कराया गया। प्रचार प्रसार नहीं होने व स्टेटमेंट में कठिनाई होने के कारण किसान आवेदन पत्र जमा नहीं कर सके यही कारण है कि दूरस्थ क्षेत्र ओड़गी के चपदा, महरसोप,डेवढ़ी, सहित बिहारपुर क्षेत्र के किसान एक भी आवेदन जमा करने नहीं पहुंच सके।
इस संबंध में संभागीय सीईओ सुनील सोढ़ी ने बताया कि समिति के माध्यम से प्रभावित ग्राम में मुनादी कराकर हेल्प डेक्स लगाए जाने का प्रचार प्रसार किया गया था ओड़गी विकासखंड के सभी प्रभावित ग्राम के किसानों का स्टेटमेंट नवीन बैंक शाखा ओड़गी से मिलेगा जो किसान आवेदन नहीं दे पाए हैं वे सहकारी बैंक शाखा भैयाथान में आवेदन दे सकते हैं।



















