कोरबा । पांच साल से अधूरे समानांतर पुल को बनाने शासन ने न केवल रूकी हुई दो करोड़ की राशि का भुगतान कर दिया है, बल्कि माह भर का अधिक समय दिया है। इधर ठेकेदार निर्माण शुरू करने की तैयारी कर ली है लेकिन एनीकट में पानी भराव के कारण काम शुरू करना संभव नहीं है। सेतु विभाग ने जल संसाधन से पानी कम करने की मांग की है। जल संसाधन का कहना है कि शासन की अनुमति से पानी कम की जाएगी। इस तरह दो विभागों के द्वंद में समानांतर पुल का निर्माण फिर से बाधित हो गया है।
सेतु निगम द्वारा दर्री बांध के पुराने पुल के समानांतर तैयार किया जा रहा महत्वपूर्ण पुल पांच साल से अधूरा है। अगर समय पर काम होता तो पुल का निर्माण वर्ष 2018 में ही पूर्ण हो जाता। पश्चिम क्षेत्र की आवाजाही आसान हो जाती। हसदेव दर्री बराज पुल 56 साल पुराना है। यह पुल ही पश्चिम क्षेत्र को जोड़ती है। भारी वाहनों की आवाजाही की वजह से पुल की हालत कमजोर हो गई है। इसी वजह से वर्ष 2015 में शासन ने समानांतर पुल बनाने के लिए 24 करोड़ की मंजूरी दी थी। निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी सेतु निगम को बनाया गया है। इसका ठेका रायपुर के जीजी कंस्ट्रक्शन को 22 करोड़ में दिया गया है। वर्ष 2016 में काम शुरू होने के बाद भी अब तक पूर्ण नहीं हो पाया। इसका मुख्य कारण बीच में काम बंद होना है। ठेका कंपनी को को जारी की जाने वाली भुगतान की राशि रोक दी। इसके बाद काम शुरू हुआ, लेकिन लाकडाउन की वजह से दो साल में गर्मी के समय काम बंद रहा। पहले दिसंबर 2021 तक काम पूर्ण करने की अवधि निर्धारित की गई थी। दो महीने बढ़ाकर फरवरी 2022 तय की गई है। अब फिर से एक महीने का अतिरिक्त समय देते हुए मार्च कर दी गई है । काम मे देरी करने के कारण रोकी गई राशि को शासन ने ठेका कंपनी को भुगतान कर दी है। ठेकेदार काम तो करना चाहता है लेकिन एनीकट का पानी भराव बाधा बन रहा है। सेतु निगम ने पानी कम करने की मांग जल संसाधन से की है। जल संसाधन ने सरकारी अनुमति मिलने पर ही पानी कम करने की बात कही है। ऐसे निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ है।



















