राजनांदगांव। एचआईवी-एड्स के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए विश्व एड्स दिवस के अवसर पर जिले में विविध आयोजन किए जाएंगे। एड्स पर जागरूकता कार्यक्रम कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी व जिला नोडल अधिकारी डॉ. अल्पना लूनिया के निर्देशन में आयोजित किए जाएंगे।
राज्य के एनएफएचएस-5 के आंकड़ों में यह बात सामने आई है कि पहले जहाँ 20 प्रतिशत महिलाओं को ही एचआईवी एड्स की जानकारी थी वहीं अब 23 प्रतिशत महिलाओं को एचआईवी एड्स के बारे में पर्याप्त जानकारी है। इसके अतिरिक्त पहले 57 प्रतिशत महिलाएं ही जानतीं थीं कि शारीरिक संबंध के दौरान कंडोम के प्रयोग से एचआईवी एड्स से बचा जा सकता है, वहीं अब लगभग 76 प्रतिशत महिलाओं को इस बारे में पता है।
एड्स दिवस के अवसर पर राजनांदगांव जिला एवं विकासखंड स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान राजनांदगांव शहर में नर्सिंग महाविद्यालय में पोस्टर, रंगोली एवं स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अलावा शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के समाज कल्याण विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा राजीव नगर एवं नंदई चौक में नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर लोगों को एचआईवी-एड्स के संबंध में जागरूक किया जाएगा। एचआईवी-एड्स के कारणए खतरे व बचाव की जानकारी दी जाएगी। साथ ही शहर में एचआईवी-एड्स की रोकथाम एवं इस बीमारी के प्रति जन-जागरूकता हेतु स्वयं सेवी संस्था लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजना के द्वारा कमला कालेज चौक में हस्ताक्षर अभियान, नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया जाएगा। कौरिनभांठा वार्ड में इस संस्था के द्वारा रंगोली, मेहंदी तथा चित्रकारी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार स्वयं सेवी संस्था लिंक वर्कर के द्वारा घुमका महाविद्यालय, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला हरडुवा, नारायणगढ़ के छात्र-छात्राओं एवं स्टॉफ को भी एचआईवी-एड्स के संबंध में जागरूक किया जाएगा।
इस संबंध में राजनांदगांव के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया, छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति के निर्देशानुसार एचआईवी-एड्स नियंत्रण की दिशा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस के अवसर पर भी लोगों को एड्स से बचाव हेतु जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान जन-जागरूकता से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सावधानी ही एड्स से बचाव है। इस आशय का प्रचार-प्रचार करते हुए लोगों को सावधान करने हेतु स्वास्थ्य विभाग सजग है।
एड्स के प्रमुख लक्षण-
० लगातार कई दिनों तक बिना कारण के बुखार बना रहना और किसी दवा से ठीक न होना। ये एड्स के लक्षण हो सकते हैं।
० वजन कम होते जाना एवं तीन महीनों में ही रोगी का वजन 20 प्रतिशत कम होना भी एड्स के लक्षण हो सकते हैं।
० लगातार एक महीने के ऊपर पतले दस्त लगना और दवाओं से ठीक न होना।
० ज्यादा थकान का अनुभव होना, मांसपेशियां तनावग्रस्त और अकड़ी रहना।
० फ्लू जैसे लक्षण दिखने लगते हैं, इसमें बुख़ार, थकान, मांसपेशियों में खिंचाव, जोड़ों का दर्द सूजन और सिरदर्द प्रमुख लक्षण हैं। ये सभी एड्स के लक्षण हो सकते है।
एचआईवी-एड्स के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए होंगे विविध आयोजन
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