03 जनवरी को मंत्रालय में प्रदर्शन एवं घेराव करने पर पेन्शनर अडिग
मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) को विलोपित करने और केन्द्र के समान महँगाई राहत देने की मांग को लेकर वित्त सचिव अमरमेल मंगई डी के आमंत्रण पर आज दोपहर 2 बजे मंत्रालय में छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल के साथ लगभग आधा घण्टे तक चली चर्चा बेनतीजा रहा और अब चर्चा विफल होने के बाद पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत 03 जनवरी 22को फेडरेशन के आव्हान पर प्रदेश के 5 पेंशनर्स संगठनों द्वारा मंत्रालय में जंगी प्रदर्शन कर मंत्रालय का घेराव करेंगे। आज के चर्चा में फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव के साथ छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डी पी मनहर ,पेन्शनर एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष गंगा प्रसाद साहू,भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा, प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ के महामंत्री अनिल पाठक तथा नागेन्द्र सिंह शामिल थे।
जारी विज्ञप्ति में पेंशनर्स फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने आगे बताया है कि वित्त सचिव ने चर्चा के दौरान स्वीकार किया कि धारा 49(6) में आर्थिक स्वत्वों भुगतान में दोनों राज्यो के बीच आपसी सहमति का प्रावधान का उल्लेख नहीं है परन्तु संवैधानिक व्यवस्था के कारण दोनों राज्यो की आपसी सहमति की बाध्यता का पालन किया जाना जरूरी है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक अविभाजित मध्यप्रदेश के दौरान नियुक्त छत्तीसगढ़ में सेवारत कर्मचारी रिटायर नहीं हो जाते। प्रतिनिधि मंडल द्वारा उन्हें यह हाल ही में धारा 49 को हटाने के लिये मध्यप्रदेश विधानसभा में 24 दिसम्बर 21 को अशासकीय संकल्प पारित होने की जानकारी देने पर उन्होंने प्रतिनिधि मंडल को मुख्यमंत्री से इस मामले में मिलकर समाधान निकालने का सुझाव दिया और अपनी ओर से इस मद्दे पर कुछ भी कर पाने में असमर्थता व्यक्त की गई।
जारी विज्ञप्ति में आरोप लगाया है कि संवैधानिक व्यवस्था के नाम पर अधिकारियों द्वारा पेंशनरो के जायज मांग को अनदेखा किया जा रहा है और जानबूझकर पेंशनरों को दोनों राज्यों के बीच आपसी सहमति नहीं होने के बहाने केन्द्र के समान महँगाई राहत के लाभ से वंचित किया जा रहा है और राज्य के बुजुर्ग पेन्शनरों को आगामी 03 जनवरी 21 को मंत्रालय के समक्ष जंगी प्रदर्शन व घेराव करने मजबूर कर रहे हैं।



















