जिले के संवेदनशील 4 सेंटिनल और 4 रेंडम साइट पर किया जा रहा है सर्वे
राजनांदगांव। फाइलेरिया रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में सघन सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत फाइलेरिया रोग प्रसार के लिहाज से संवेदनशील गांवों में फाइलेरिया के लक्षणों वाले रोगियों को चिन्हित किया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लोगों से अपील भी की जा रही है कि फाइलेरिया के लक्षण होने पर इस रोग को छिपाएं नहीं बल्कि इलाज कराएं। इलाज कराने से फाइलेरिया का समय रहते इलाज किया जा सकता है।
जिले में फाइलेरिया नियंत्रण की दिशा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। फाइलेरिया रोग के प्रसार के मद्देनजर संवेदनशील 4 सेंटिनल और 4 रेंडम साइट सहित कुल 9 क्षेत्रों में नाईट ब्लड सर्वे किया जा रहा है। सर्वे में किसी व्यक्ति को फाइलेरिया पाूजिटिव पाए जाने की स्थिति में उसका समुचित उपचार करने का प्रयास किया जाएगा। इससे पहले भी फाइलेरिया उन्मूलन का प्रयास करते हुए जिले में फाइलेरिया के सभी पुराने मरीजों को फाइलेरिया किट वितरित किया गया है। साथ ही पीड़ितों को फाइलेरिया किट के उपयोग एवं रोग व विकृति के कारण आने वाली अपंगता की रोकथाम तथा प्रबंधन की जानकारी दी गई है।
इस संबंध में मलेरिया विभाग की जिला सलाहकार संगीता पांडेय ने बताया, सीएमएचओ डा. मिथिलेश चौधरी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा फाइलेरिया संभावित क्षेत्र में वर्तमान में रात्रि 8.30 बजे से रात्रि 12 बजे तक नाईट ब्लड सर्वे किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 2 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों का रक्त पट्टी संग्रहण किया जा रहा है। इसके पश्चात फाइलेरिया पॉजिटिव पाए जाने की स्थिति में पीड़ित को चिकित्सा अधिकारी की सलाह पर फाइलेरिया के प्रारंभिक उपचार हेतु गोली खिलाई जाएगी तथा चिकित्सा अधिकारी द्वारा फाइलेरिया के समुचित उपचार का प्रयास किया जाएगा। वर्तमान में कोविड.19 संक्रमण से बचाव हेतु आवश्यक व अनिवार्य नियमों का पालन करते हुए यह सर्वे किया जा रहा है।
इस बारे में बात करते हुए राजनांदगांव के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मिथिलेश चौधरी ने बताया, जिले में फाइलेरिया नियंत्रण की दिशा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इन दिनों संवेदनशील क्षेत्रों में नाईट ब्लड सर्वे किया जा रहा है। फाइलेरिया न सिर्फ व्यक्ति को विकलांग बना देती है, बल्कि इससे मरीज की मानसिक स्थिति पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है। फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलता है इसलिए बेहतर है कि मच्छरों से बचाव किया जाए। इसके लिए घर के आसपास व भीतर साफ सफाई रखें। पानी जमा न होने दें और समय-समय पर कीटनाशक का छिड़काव करें।
फाइलेरिया के लक्षण
० बुखार, बदन में खुजली पुरुषों के जननांग और उसके आसपास दर्द व सूजन।
० पैरों और हाथों में सूजन, हाइड्रोसिल।

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