
जिला प्रशासन की पहल से राज्य के अंदरूनी प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर आवागमन सुविधा हेतु छिंदनार पुल का निर्माण कराया गया। दन्तेवाड़ा जिले के विकासखंड गीदम के नक्सल प्रभावित ग्राम चेरपाल, तुमरीगुण्डा, पाहुरनार, कौरगांव के स्कूली बच्चों और ग्रामीणों का रास्ता इन्द्रावती नदी अब नहीं रोक पाएगी। जिला प्रशासन की पहल से राज्य के अंदरूनी प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर आवागमन सुविधा हेतु छिंदनार पुल का निर्माण कराया गया। बारिश के मौसम में होने वाली समस्या को देखते हुए राज्य शासन ने इस पुलिया में 3874.26 लाख रूपए की लागत से 712.00 मीटर लंबी, 8.40 मीटर चौड़ी पुल का निर्माण कराया गया है। उल्लेखनीय है कि नक्सल प्रभावित 4 ग्रामों में बारिश के दिनों में आवागमन में रूकावट उत्पन्न करता था। पुलिया के बनने से 4 गांवो तक बारहमासी आवागमन की सुविधा ग्रामीणों को मिलने लगी है।

इंद्रावती नदी पर पुल निर्माण से क्षेत्र के विकास को गति मिली है। पुलिया निर्माण से सड़क नेटवर्क को मजबूती मिलने के साथ ही जन सुविधाओं के विकास में तेजी आई है। नदी पर पुल निर्माण हो जाने से क्षेत्रवासियों का जीवन सुगम हुआ है। आवागमन की सुविधा से गांवों की दूरी कम हुई है पहले जहां इंद्रावती नदी में पुल नहीं होने कारण नदी पार के पंचायत के कई ग्राम वासियों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा था। गांव के विकास में नदी बाधक बनी हुई थी। नदी में जल स्तर कम होने पर ग्रामीण जैसे-तैसे आवाजाही कर लेते थे। लेकिन नदी में बाढ़ स्थिति निर्मित होने के कारण ग्रामीणों को मुख्यालय आने के लिए कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। स्वास्थ्य का क्षेत्र हो या शिक्षा, सड़क, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए राह तकते थे। लेकिन अब पुल के बनने से सभी समस्या का समाधान मिला है सड़क, पानी, बिजली और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से दूर रहे ग्रामीणजनों को अब समुचित सुविधाएं मिल रही हैं। कई कारणों से बिजली आपूर्ति बाधित क्षेत्रों में बिजली की सप्लाई भी सुनिश्चित कर उनके घरों को रोशन किया गया। तुमरीगुंडा ग्राम पंचायत में 2 करोड़ की लागत से 18 पारों में 18 ट्रांसफार्मर लगाकर शतप्रतिशत विद्युतीकरण कार्य किया गया। जिससे 410 हितग्राहियों को लाभान्वित हुए हैं। वहीं 3.91 करोड़ की लागत से नदी के उस पार के शतप्रतिशत विद्युतीकरण के लिए कार्य स्वीकृत किये गए हैं। जिसमे पाहुरनार का कार्य पूर्ण कर लिया गया है व चेरपाल में कार्य प्रगतिरत है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने हेतु जल जीवन मिशन अंतर्गत हर घर तक जल के कार्यों ने रफ्तार पकड़ी है। जिससे गांवों के लोगों के जीवन को सरल और सहज बनाने की दिशा में लगातार प्रयास जारी है।
शिविर के माध्यम से अब प्रशासन उनके घरों तक पहुंच शासकीय योजनाओं से लाभान्वित कर रही है। नदी पार के गांवों में 632 हितग्राहियों का श्रम कार्ड बनाया जा चुका है। जिसके कई योजनाओं के अंतर्गत लाभ दिया जा रहा है। ग्रामीणों के स्वास्थ्य क्षेत्र में भी काफी सुधार आया है पुल बनने के पश्चात इन ग्रामों में 108 संजीवनी एक्सप्रेस एवं 102 महतारी एक्सप्रेस सरलता से पहुंच रही है। डॉ खूबचंद बघेल आयुष्मान योजना अंतर्गत लगभग 2829 लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया गया है। 45 दिव्यांगजनो को दिव्यांग प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। ग्रामीणों को शासन से दी जा रही सभी सुविधाएं से अवगत कराते हुए उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है। कोविड-19 संक्रमण के बचाव हेतु टीकाकरण के अंतर्गत सभी पात्र व्यक्तियों समझाइश देते हुए टीकाकरण भी लगाया गया। निश्चित रूप से पुल बनने के पश्चात समस्त ग्रामीणों को उचित स्वास्थ सुविधाएं एवं योजनाएं से लाभान्वित किया जा रहा है। साथ ही इलाके की सिंचाई सुविधा में सुधार हुआ है जिससे कृषकों को सिंचाई सुविधा का लाभ भी मिल रहा है। जिससे गांवों में फसलों की पैदावार में भी वृद्धि हो रही है। दन्तेवाड़ा जिले के नदी पार के पंचायतो में कुल 1656 राशनकार्ड धारी लाभान्वित हुए। दन्तेवाड़ा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र नारायणपुर जिले के 356 हितग्राही को राशन दन्तेवाड़ा से प्रदान किया जा रहा है। उद्यानिकी विभाग द्वारा पोषण बाड़ी सब्जी मिनीकिट वितरण, केला पौधा वितरण कर 288 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
आपको ज्ञात होगा कि संवेदनशील क्षेत्रों में है जहां विकास ग्रामीण से कोसो दूर हुआ करती थी आज पुल निर्माण से विकास की गति के साथ ग्रामीण आने को आतुर हैं अब वो दिन दूर नही जब 4 पंचायतों के ग्रामीण पुल बन जाने से विकास की गंगा शहर से गाँवो की ओर आते देखेंगे इस विकास की बाट जोहते कई पीढियां गुजर गई तब जाके जिला प्रशासन की अथक पहल व शासन की मंशानुसार गाँव को शहर से जोड़ने का सपना साकार होता नजर आ रहा है जिससे ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है।


















