एक छात्र के आत्महत्या करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि यहां कक्षा 10वीं के एक छात्र ने गणित के पेपर को लेकर डिप्रेशन में आकर फांसी लगा ली. छात्र रात में सोने के लिए कमरे में गया और गले में फांसी का फंदा लगाकर झूल गया. परिजनों का कहना है कि ऑनलाइन क्लास के बाद एग्जाम ऑफलाइन होने से वह डिप्रेशन में था.
क्या था मामला
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में हनुमान टोरिया के पीछे शिव कॉलोनी में रहने वाला सुमित ताम्रकार जिसकी उम्र करीब 17 वर्ष और उसके पिता का नाम अमित ताम्रकार है. उत्कृष्ट विद्यालय एक्सीलेंस में कक्षा दसवीं का छात्र था. परिजनों ने पुलिस को बताया कि कोरोना लॉकडाउन लगने के बाद वह ऑनलाइन पढ़ाई घर पर किया करता था लेकिन जैसे ही कोरोना का असर कम हुआ सरकार ने बोर्ड के पेपर ऑफलाइन लेने का निर्णय लिया. ऑफलाइन परीक्षा होने से अचानक सुमित डिप्रेशन में चला गया. मंगलवार को होने वाले गणित के पेपर ने उसकी चिंता और ब?ा दी थी.
कमरे में लटका मिला
प?ोसी नंद किशोर कुशवाहा ने बताया कि सोमवार की रात में परिजनों ने सुमित को बहुत समझाया भी था. मंगलवार को गणित का पेपर था. खाना खाकर अमित सोने चला गया. सुबह जब उठा नहीं तो परिजनों को चिंता हुई. उन्होंने उसके कमरे में जाकर देखा तो फांसी पर लटका मिला. सुमित का सुबह 10 बजे से सरस्वती स्कूल, सिंचाई कॉलोनी छतरपुर केंद्र पर गणित का पेपर था.
डिप्रेशन में था-परिजन
नगर पुलिस अधीक्षक लोकेंद्र सिंह के मुताबिक घटना की सूचना मिलने पर पुलिस स्टाफ मौके पर पहुंचा. मामला दर्ज करके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. परिजन सुमित के परीक्षा के कारण डिप्रेशन में होने की बात बता रहे हैं. पुलिस जांच कर रही है.


















