रूस-यूक्रेन में युद्ध के बीच भारतीय शेयर बाजार साल के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन रूस के यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई के ऐलान से भारत का शेयर बाजार धड़ाम हो गया। सेंसेक्स करीब 2600 अंक या 4 फीसदी से ज्यादा लुढ़क कर 55 हजार अंक के नीचे आ गया। वहीं, निफ्टी भी अब 730 अंकों का गोता लगाकर 16,200 अंक के स्तर पर आ गया है। इस भारी गिरावट की वजह से निवेशकों को करीब 10 लाख करोड़ का नुकसान हो चुका है।
बीएसई इंडेक्स का रेड अलटर्: गुरुवार के कारोबार में बीएसई इंडेक्स के टॉप 30 स्टॉक रेड जोन में हैं। सबसे बड़ी गिरावट का तमगा बैंकिंग और आईटी स्टॉक पर लगा है। इंडसइंड बैंक का स्टॉक करीब 7 फीसदी टूट चुका है। इसके बाद एशियन पेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टेक महिंद्रा, विप्रो, बजाज फाइनेंस, एचसीएल, बजाज फिनसर्व, मारुति के स्टॉक में भी 4 फीसदी से ज्यादा गिरावट रही। बाजार में बिकवाली का माहौल ऐसा है कि बीएसई इंडेक्स में सबसे कम गिरावट भी 2 फीसदी की रही।
9:15 बजे: रूस-यूक्रेन में युद्ध के बीच अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को भी भारी गिरावट के साथ बंद हुए। इसका असर आज घरेलू शेयर बाजार सुबह देखने को मिला। लगातार 6 सत्रों की गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी भी आज सातवें सत्र में भी भारी गिरावट के साथ खुले। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह सवा नौ बजे 1813 अंक गिरकर 55418 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी में भी भारी गिरावट देखी गई। बता दें डाऊ जोंस बुधवार को 464 अंक गिरकर 33131के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डैक में 2.57 फीसद यानी 344 अंकों की गिरवट रही। इस गिरावट की वजह से नैस्डेक 13037 के स्तर पर बंद हुआ। यही नहीं एसएंडपी में भी 79 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
बुधवार का हाल
घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट बुधवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में भी जारी रही और बीएसई सेंसेक्स 68.62 अंक नीचे आ गया। यूक्रेन संकट को लेकर निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।
तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 68.62 अंक की गिरावट के साथ 57,232.06 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 28.95 अंक टूटकर 17,063.25 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान अच्छी बात यह रही कि दोनों सूचकांक ज्यादातर समय एशिया के अन्य बाजारों की तरह सकारात्मक दायरे में रहे। क्योंकि निवेशकों को यह उम्मीद थी कि यूक्रेन सीमा के पास रूसी सेना की गतिविधियों के बाद रूस पर पश्चिमी देशों की पाबंदियों से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का रुख नरम पड़ेगा और युद्ध की आशंका दूर होगी।
शेयर बाजार में कोहराम, सेंसेक्स 2200 अंक तक टूटा, निफ्टी भी धड़ाम
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