
रायपुर। कल शुक्रवार 18 मार्च को होली है और आज गुरुवार 17 मार्च को होलिका दहन है। वैदिक आध्यात्म परंपरा प्राणधार श्रध्ये मां भगवती के उपासक एवं भगवताचार्य और त्रिकालदर्शी (चाउर वाले बाबा) की उपाधि से नवाजे गये गुरुजी श्रीश्री पंडित नरेन्द्र नयन शास्त्री जी ने होलिका दहन की हाॢदक शुभकामनाएं दी है। साथ ही उन्होंने होलिका दहन को लेकर कुछ बातें भी कही है। उन्होंने कहा कि भद्रा मृत्युलोक में है इसलिए होलिका दहन सर्वथा त्याज्य है ऐसे कई बार होलिका दहन अर्धरात्रि के बाद भद्रा के कारण से हुआ है। भद्रा में होलिका दहन करने से नगर, गांव को भद्रा दोष लग जाता है 1 साल तक। इसलिए होलिका दहन को ध्यान में रखते हुए रात्रि 1 बजकर 11 मिनट पर ही करें।



















