होली रंगों का त्यौहार है. इस त्यौहार को सभी लोग बड़ी खुशी के साथ मनाते हैं. वैसे तो हम सभी जानते हैं कि हर त्यौहार से जुड़ी हुई कुछ मान्यताएं या रिवाज होते हैं. जिन्हें पूरी श्रद्धा के साथ निभाना चाहिए.

प्रत्येक व्यक्ति अपने समय, स्थान और विचार के हिसाब से त्यौहार को मनाता है लेकिन कुछ ऐसी भी बातें हैं जिनका ध्यान रखते हुए त्यौहारों को मनाना अच्छे फल देने वाला होता है. तो आइए जानते हैं कि हमें होली के त्यौहार पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए –

होलिका दहन में जरूर शामिल होना चाहिए, यदि होलिका दहन के दिन किसी कारणवश संभव न हों तो अगले दिन सूरज निकलने से पहले होलिका की तीन परिक्रमा जरूर करें.
होलिका में अलसी, मटर, गेहूं या चना की बालियां इनमें से जो भी आपके पास हो उसे होली की आग में जरूर भूनें और उसे प्रसाद के रूप में सभी को बांटें.
होलिका दहन की विभूति को पुरुष मस्तक और महिला अपने गले में लगाएं, ऐसा करने से समाज में यश और ऐश्वर्य बढ़ता है.
घर के बीच में एक चौकोर स्थान साफ करके उस जगह पर कामदेव की पूजा करें.
होली के अवसर पर किसी भी व्यक्ति के लिए मन में शत्रुता का भाव न रखें. यह एक भाईचारे व अपनत्व का त्यौहार है. इस दिन घर में आने वाले मेहमानों को सौंफ और मिश्री जरूर खिलाएं, इससे प्रेम भाव बढ़ता है.
होली के दिन अपने से बड़ों को आप उनके पैर के अंगूठों पर गुलाल लगाकर आर्शीवाद ले सकते हैं और अपने से छोटों को रंग लगाकर आर्शीवाद देना चाहिए.
होली के दिन अपनी जेब में काले कपड़े में पीली सरसों, लौंग, जायफल और काले तिल बांधकर रखें और जलती हुई होली में उसे डाल दें. ऐसा करने से आप पर नकारात्मक शक्ति का प्रभाव समाप्त हो जाता है.
होलिका दहन के दिन सुबह नहाने से पहले शरीर में उबटन लगाएं और उसके द्वारा निकले हुए मैल की गोली बनाकर रखें और पूजा करते समय होलिका में उसे भी जला दें. इससे शरीर के रोगों से छुटकारा मिलता है और स्वास्थ्य अच्छा होता है.
होली के त्यौहार पर आपको घर की साफ-सफाई अच्छी तरह करनी चाहिए और साथ ही भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार की पूजा भी करनी चाहिए. ऐसा करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है.
होली दहन के दिन होलिका की राख अपने घर में अवश्य लाएं और उसे चारों कोनों में डाल दें. ऐसा करने से घर का वास्तु दोष समाप्त होता है.
होलिका दहन की राख को अपने लॉकर या जहां आप पैसे रखते हैं वहीं अवश्य रखना चाहिए. ऐसा करने से आपको कभी भी धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. घर में बरक्कत होती है.
अपने घर में गोबर से बने उपलों की होली अवश्य जलाएँ. साथ ही उसमें कपूर भी जलाएं. ऐसा करने से घर का माहौल सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है और सदैव भगवान का आर्शीवाद बना रहता है.
कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें होली खेलना बिल्कुल पसंद नहीं आता लेकिन इस दिन ज्यादा नहीं तो छोड़ा बहुत रंग जरूर खेलें. इस दिन रंग खेलने से जीवन में खुशियों के रंग आते हैं और नकारात्मकता दूर भाग जाती है. जो लोग घर के बाहर जाकर होली खेलना पसंद नहीं करते तो घर पर ही रहकर अपने परिवार के लोगों के साथ होली खेल सकते हैं.
होली के दिन सबसे पहले भगवान को रंग चढ़ाकर ही होली खेलना शुरु करना चाहिए.
होली के दिन घर में मीठे पकवान जरूर बनाएं और पहले इसका भोग भगवान को लगाएं, खुद खाएँ और दूसरों को भी खिलाएं. इससे आपके जीवन में मधुरता बढेगी.

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031