दोनों सरकार रवैये से दोनों राज्यों में पेन्शनर परेशान
धारा 49 में पेंशनरों को महंगाई राहत देने में दोनों राज्यो के बीच सहमति का कोई उल्लेख नहीं : 21 वर्षो से झूठ का हल्ला मचा रहे हैं दोनों सरकार
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री तथा मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ पेंशनर्स फेडरेशन के कोचेयरमैन व छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की छटवीं अनुसूची की धारा 49 को दोनों राज्य सरकार के राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदार लोगों को अध्ययन करने के सलाह दिया है और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धारा 49(6)को संलग्न कर ट्वीट कर आग्रह किया है कि इसमें कही पर भी राज्य के पेंशनरों को महंगाई राहत या अन्य आर्थिक भुगतानों में दोनों राज्यो में आपसी सहमति होने पर ही भुगतान करने का कहीं कोई उल्लेख नहीँ हैं,पता नहीं किसके दिमाग की उपज है,जो राज्य विभाजन के बाद से दोनों राज्यो के बीच सहमति सम्बन्धी संवैधानिक बाध्यता सम्बन्धी झूठ का हल्ला मचाकर धारा 49 को पेंशनरों के महँगाई राहत तथा अन्य सभी प्रकार आर्थिक भुगतानों में रोड़ा बनाकर रखे हुए हैं। जबकि छत्तीसगढ़ राज्य के साथ ही बने अन्य दो राज्यों क्रमश: उत्तराखंड और झारखंड में इसप्रकार की कोई समस्या नहीं है। यह समस्या उन राज्यों में क्यों नही है? इस पर सरकार के पास कोई जवाब नहीं है, और वे यह कहते नही थकते हैं कि वहाँ के राज्य सरकार से बात करके तथा अधिकारी भेजकर पता किया जायेगा तथा तदनुसार यहाँ भी कार्यवाही करेंगे। विगत 21 वर्षों से यही बात कही जा रही है, मगर सरकार के जिम्मेदार लोग आज तक यह बात बताने में असमर्थ रहे हैं कि यह समस्या उन राज्यों में क्यों नहीं है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश शासन की उपेक्षा से दोनों राज्य के पेंशनर एक समान पीडि़त हैं। दोनों ही सरकारों को पेंशनरों की समस्याओं को दूर करने में कोई रुचि नहीं है और आपसी मिलीभगत कर पेंशनरों के महंगाई राहत सहित सभी जायज आर्थिक मामलों को मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 में उल्लेख छटवीं अनुसूची के प्रावधान की आड़ में आपसी सहमति-असहमति के बहाने जानबूझकर लटकाए हुए हैं। जबकि धारा 49 में महंगाई राहत को लेकर सहमति लेने-देने का कोई उल्लेख ही नहीं है, फिर भी सहमति-असहमति को लेकर केन्द्र सरकार द्वारा घोषित 31 प्रतिशत महंगाई राहत के स्थान पर पेंशनरों को दोनों ही राज्यों में केवल 14 प्रतिशत महंगाई राहत दिया जाता रहा है,मध्यप्रदेश सरकार ने कल 21 मार्च 22को आदेश जारी कर सेवारत कर्मचारियों को बकाया 11 प्रतिशत महँगाई भत्ता देकर केन्द्र के बराबर 31 प्रतिशत महँगाई भत्ता दे दिया है परन्तु सेवानिवृत्त पेंशनरों को छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के सहमति नही होने के बहाने बकाया 14 प्रतिशत महंगाई राहत से वंचित कर दिया है, उपेक्षा का आलम यह है कि दोनों ही राज्यो में सेवारत कर्मचारियों को पहले से ही अधिक महंगाई भत्ता दिया जा रहा है यह वरिष्ठ नागरिक पेंशनरों का घोर अपमान है जो अब बर्दास्त से बाहर होता जा रहा है। जारी विज्ञप्ति में छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेंशनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव और फेडरेशन से जुड़े संगठन क्रमश: छत्तीसगढ़ पेन्शनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डी पी मनहर ,भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा, पेंशनर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष गंगाप्रसाद साहू, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेंशनर्स कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष आरपी शर्मा, वरिष्ठ नागरिक परिसंघ के प्रांतीय संयोजक अनूप श्रीवास्तव तथा यशवन्त देवान, डॉ व्ही व्ही भसीन, सी एस पांडेय,डॉ पी आर धृतलहरे, लोचन पांडेय, डॉ वाईसी शर्मा, विद्या देवी साहू, डीके त्रिपाठी, सी एल दुबे, शरद अग्रवाल, गायत्री गोस्वामी, जे पी धुरन्धर, डॉ एस पी वैश्य, उर्मिला शुक्ला, ज्ञानचंद पारपियानी,बी डी उपाध्याय, राकेश श्री वास्तव, एन एच खान,द्रोपदी यादव,आर के नारद,पी एल सिंह,एम एन पाठक,डॉ ज्ञानेश चौबे, एस पी एस श्रीवास्तव, विष्णु तिवारी,शांति किशोर माझी ,कलावती पाण्डे,सी एल चन्द्रवंशी, इंदु तिवारी,तीरथ यादव, रमेश नन्दे, डी के पाण्डे,प्रदीप सोनी, असीमा कुंडू , आशा वैष्णव,पी एल टण्डन,रोजलिया लकड़ा, एल एन साहू,अशोक जैन,अरुण दुबे,राजेश्वर राव भोसले,वन्दना दत्ता, श्रीमती बसन्त नामदेव,अनूपनाथ योगी,गिरीश उपाध्याय,जे आर सोनी, सुरेन्द्र नामदेव, अनिल शर्मा,आलोक पांडेय,व्ही एस जादौन,बी एल पटले,,बी डी यादव, वीरेन्द्र थवानी, डी के पाण्डे,आनन्द भदौरिया,बी के सिन्हा, एस डी बंजारे, गुलाब राव पवार,भूषण लाल देवांगन, खेमिचन्द मिश्रा,एस के चिलमवार, बिक्रम लाल साहू, एस डी वैष्णव,हीरालाल नामदेव,अजीत गुप्ता, द्वारका सिन्हा,ओ पी भट्ट, सुभाष गायकवाड़, प्रभुदयाल पटवा, रामकुमार थवाईत, रमेश कुमार शर्मा, डी आर लांझेकर, के एन कश्यप, केके बंछोर, एसके द भट्टाचार्य, मुरलीधर प्रधान, अनिल गोल्हानी, आलोक पांडे, शेषा सक्सेना, बीएल यादव, नागेन्द्र सिंह, डीके यादव आदि ने राज्य के सभी पेंशनरों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल केन्द्र के समान 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की मांग किया है।



















